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मंगलवार, 25 अक्तूबर 2011

लक्ष्मी जी के साथ में, रहते देव गणेश। अगर साथ हों शारदे, सुधर जाए परिवेश।।

मुझसे सब यह कह रहे, कुछ रुक जाओ मित्र।
प्रतिदिन लाते कहाँ से, शब्दों के ये चित्र।।

क्या उत्तर दूँ आपको, वाणी मेरी मौन।
स्वयं नहीं मैं जानता, रचवा देता कौन?।
 
वीणा वाली का सदा, मिला जिसे हो साथ।
उसके कर की डोर है, माता जी के हाथ।।

भावनाएँ देतीं वही, लिखवा जातीं छन्द।
टंकण में संलग्न हूँ, मैं मानव मतिमन्द।।

लक्ष्मी जी के साथ में, रहते देव गणेश।
अगर साथ हों शारदे, सुधर जाए परिवेश।।
 
धन-लक्ष्मी के साथ में, प्रज्ञा है अनिवार्य।
उससे ही होते सफल, सभी हमारे कार्य।।

दीपों का यह पर्व है, चारों ओर उजास।
उर में दीप जलाय कर, करो धवल प्रकाश।।

18 टिप्‍पणियां:

  1. धन-लक्ष्मी के साथ में, प्रज्ञा है अनिवार्य।
    उससे ही होते सफल, सभी हमारे कार्य।।
    बहुत सुन्दर और सटीक पंक्तियाँ! बेहद ख़ूबसूरत रचना!
    दीपावली की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें !

    उत्तर देंहटाएं
  2. सचमुच आपके सिर पर माँ सरस्वती का हाथ है , और यह यूँ ही बना रहे
    सुंदर दोहों के लिए बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  3. नमस्ते शास्त्री जी बहुत सुन्दर एवं सटीक रचना !
    आपको दीप पर्व दीपावली की शुभ कामनाएं !!

    उत्तर देंहटाएं
  4. शुभकामनाएं--

    रचो रँगोली लाभ-शुभ, जले दिवाली दीप |
    माँ लक्ष्मी का आगमन, घर-आँगन रख लीप ||
    घर-आँगन रख लीप, करो स्वागत तैयारी |
    लेखक-कवि मजदूर, कृषक, नौकर, व्यापारी
    नहीं खेलना ताश, नशे की छोडो टोली |
    दो बच्चों का साथ, रचो मिल सभी रँगोली ||

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपको दीपोत्सव की मंगल कामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुंदर रचना।

    दीप पर्व की शुभकामनाएं......

    उत्तर देंहटाएं
  7. यही दो देवियाँ तो जीवन को सम्पूर्ण आयाम देतीं हैं...आपने दोनो को साध लिया है...फिर बात ही क्या है...दीवाली की शुभकामनाएं...

    उत्तर देंहटाएं
  8. दीपावली के पावन पर्व पर हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ |

    way4host
    rajputs-parinay

    उत्तर देंहटाएं
  9. सुंदर रचना ..
    .. आपको दीपोत्‍सव की शुभकामनाएं !!

    उत्तर देंहटाएं
  10. सबके मन का अन्धतम मिटे, सबका जीवन सफल हो।

    उत्तर देंहटाएं
  11. प्यार हर दिल में पला करता है,
    स्नेह गीतों में ढ़ला करता है,
    रोशनी दुनिया को देने के लिए,
    दीप हर रंग में जला करता है।
    प्रकाशोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!!

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  12. साल की सबसे अंधेरी रात में*
    दीप इक जलता हुआ बस हाथ में
    लेकर चलें करने धरा ज्योतिर्मयी

    बन्द कर खाते बुरी बातों के हम
    भूल कर के घाव उन घातों के हम
    समझें सभी तकरार को बीती हुई

    कड़वाहटों को छोड़ कर पीछे कहीं
    अपना-पराया भूल कर झगडे सभी
    प्रेम की गढ लें इमारत इक नई

    उत्तर देंहटाएं
  13. दीपोत्सव दीवाली की आपको कोटि कोटि बधाई।
    "मयंक" की धवल रोशनी, किसको नही है भाई॥

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत सुन्दर एवं सटीक रचना !
    आपको दीप पर्व दीपावली की शुभ कामनाएं !!

    उत्तर देंहटाएं
  15. बहुत सुन्दर संदेश!
    गोवर्धन पूजा और भाई दूज की हार्दिक शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं

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