"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

रविवार, 1 सितंबर 2013

"दोहे-कुंठित हुआ समाज" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

धार लबादा सन्त का, करते पापाचार।
कश्ती को अब धर्म की, कौन करेगा पार।।

पहले भी थे धरा पर, थोड़े-बहुत असन्त।
अब बहुतायत में हुए, भोगी और कुसन्त।।

कामी. क्रोधी-लालची, करते कारोबार।
राम नाम की आड़ में, दौलत का व्यापार।।

उपवन के माली स्वयं, कली मसलते आज।
आशाएँ धूमिल हुईं, कुंठित हुआ समाज।।

आशाओं का हनन जब, करते आशाराम।
आशा के संचार का, कौन करेगा काम।।

14 टिप्‍पणियां:

  1. कामी. क्रोधी - लालची, करते कारोबार।
    राम नाम की आड़ में,दौलत का व्यापार।।

    बहुत बढ़िया सटीक दोहे ,,,

    RECENT POST : फूल बिछा न सको

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर और सटीक प्रस्तुति..

    उत्तर देंहटाएं
  3. उत्तर

    1. आप अभी तक हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {साप्ताहिक चर्चामंच} की चर्चा हम-भी-जिद-के-पक्के-है -- हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल चर्चा : अंक-002 मे शामिल नही हुए क्या.... कृपया पधारें, हम आपका सह्य दिल से स्वागत करता है। आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | आगर आपको चर्चा पसंद आये तो इस साइट में शामिल हों कर आपना योगदान देना ना भूलें। सादर ....ललित चाहार

      हटाएं
  4. .
    अत्यंत सुन्दर और सामायिक दोहे
    सादर प्रणाम आदरणीय ''मयंक'' सर जी।
    कितनी खूबसूरती से भूतकाल से वर्तमान काल
    तक के प्रक्रिया को अंजाम दिया आपने।
    वाह वाह
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर

    1. आप अभी तक हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {साप्ताहिक चर्चामंच} की चर्चा हम-भी-जिद-के-पक्के-है -- हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल चर्चा : अंक-002 मे शामिल नही हुए क्या.... कृपया पधारें, हम आपका सह्य दिल से स्वागत करता है। आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | आगर आपको चर्चा पसंद आये तो इस साइट में शामिल हों कर आपना योगदान देना ना भूलें। सादर ....ललित चाहार

      हटाएं
  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - सोमवार -02/09/2013 को
    मैंने तो अपनी भाषा को प्यार किया है - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः11 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra




    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..
    ---
    आप अभी तक हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {साप्ताहिक चर्चामंच} की चर्चा हम-भी-जिद-के-पक्के-है -- हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल चर्चा : अंक-002 मे शामिल नही हुए क्या.... कृपया पधारें, हम आपका सह्य दिल से स्वागत करता है। आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | आगर आपको चर्चा पसंद आये तो इस साइट में शामिल हों कर आपना योगदान देना ना भूलें। सादर ....ललित चाहार

    उत्तर देंहटाएं
  7. मित्र!सत्य-कथन हेतु साधुवाद! मैं कल लिखे गे एक 'दोहा-गीत' द्वारा आप का अनुगमन कर
    क्रितारः होऊंगा !!

    उत्तर देंहटाएं
  8. धार लबादा सन्त का, करते पापाचार।
    कश्ती को अब धर्म की, कौन करेगा पार।।

    पहले भी थे धरा पर, थोड़े-बहुत असन्त।
    अब बहुतायत में हुए, भोगी और कुसन्त।।

    कामी. क्रोधी-लालची, करते कारोबार।
    राम नाम की आड़ में, दौलत का व्यापार।।

    उपवन के माली स्वयं, कली मसलते आज।
    आशाएँ धूमिल हुईं, कुंठित हुआ समाज।।

    आशाओं का हनन जब, करते आशाराम।
    आशा के संचार का, कौन करेगा काम।।
    ---------रूप मयंक शाष्त्री जी उच्चारण पर

    जन जन के उदगार और आक्रोश और मलाल को वयक्त किया है आपने इस दोहावली में।

    उत्तर देंहटाएं
  9. कामी. क्रोधी-लालची, करते कारोबार।
    राम नाम की आड़ में, दौलत का व्यापार।।
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति.
    latest post नसीहत

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails