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सोमवार, 2 सितंबर 2013

"दोहे-उपासना में वासना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

उपासना में वासना, मुख में है हरिनाम।
सत्संगों की आड़ में, करते गन्दे काम।।
--
जनता के धन-माल पर, ऐश करे परिवार।
बाबाओं के पास में, दौलत का अम्बार।।
--
कुटिया में एकान्त में, सिखलाते हैं योग।
राम नाम के नाम पर, फैलाते हैं भोग।।
--
ललनाओँ को जाल में, सन्त फँसाता रोज।
ऐसा कामी-अधम तो, धरती पर है बोझ।।
--
हत्या और बलात् के, किये आपने काम।
गुरूकुलों के नाम को, कर डाला बदनाम।।
--
अपने ओछे कर्म से, किया कलंकित नाम।
शर्म-लाज आयी नहीं, आशाओँ के राम।।

15 टिप्‍पणियां:

  1. इन जैसे ढोंगियों के चलते ही सच्चे साधू संतो की भी बदनामी हो रही है,ऐसे ढोंगी वासना के पुजारी धरती पर बोझ ही हैं। बहुत ही सार्थक दोहे,आभार आपका।

    उत्तर देंहटाएं
  2. भीड़ तंत्र का कमाल है
    सारे पागल मालामाल हैं !

    उत्तर देंहटाएं
  3. सटीक प्रस्तुति-
    आभार गुरु जी-

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपने लिखा....
    हमने पढ़ा....और लोग भी पढ़ें;
    इसलिए बुधवार 04/09/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in ....पर लिंक की जाएगी. आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  5. आदरणीय सर,
    क्या कहूँ, इस लाज़वाब सत्य रुपी शब्द के लिए।
    ये तो अपने आप में अनमोल हैं, और जिस सुन्दर कारीगरी से
    आपने बुने हैं, वो तो बेहतरीन/उत्कृष्ट हैं।
    नमन आपको और आपकी सुन्दर लेखनी को।
    सदर

    उत्तर देंहटाएं
  6. सामयिक दोहे गुरु जी ,
    सब बाबाओं की छवि धूमिल कर रहे हैं

    उत्तर देंहटाएं
  7. … आपने वही लिखा जो मिडिया भोंपू बजा रहा है। । आज हमारा हिन्दू समाज खुद उपहास का पात्र बन गया है। लोकतंत्र में बस आरोप लगाओ और नाम कमाओ। अब तो ऐसा लगता हैकि कल को कृष्ण -मुरारी को भी रास रचाने के लिए किसी न्यायालय द्वारा सम्मन जारी कर दिया जाएगा,और हम ताली बजायेगे

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सामायिक दोहे, जो कुत्सित कर्म बाबाओं के द्वारा हो रहे हैं उनको दोहों में प्रस्तुत कर एक सटीक सन्देश दिया है, इन उत्कृष्ट दोहों के लिए आदरणीय शास्त्री जी हृदय से बधाई आपको|

    उत्तर देंहटाएं
  9. बाबाओं की कुत्सित कर्म की पोल खोलता आपका पोस्ट इसके लिए आपको हृदय से बधाई.......

    आपकी ये पोस्ट मैंने अपने ब्लॉग पर प्रदर्शित किया है कृपया आप मेरे ब्लॉग पर पधारें।

    उत्तर देंहटाएं
  10. आज ढोंगी और मक्कार ही देश के भगवान बने बैठे हैं..

    उत्तर देंहटाएं

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