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गुरुवार, 5 सितंबर 2013

"गुरू वन्दना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

ओम् जय शिक्षा दाता, जय-जय शिक्षा दाता।
जो जन तुमको ध्याता, पार उतर जाता।।

तुम शिष्यों के सम्बल, तुम ज्ञानी-ध्यानी।
संस्कार-सद्गुण को गुरु ही सिखलाता।।

कृपा तुम्हारी पाकर, धन्य हुआ सेवक।
मन ही मन में गुरुवर, तुमको हूँ ध्याता।।

कृष्ण-सुदामा जैसे, गुरुकुल में आते।
राजा-रंक सभी का, तुमसे है नाता।

निराकार है ईश्वर, गुरु-साकार सुलभ।
नीति-रीति के पथ को, गुरु ही बतलाता।।

सद्गुरू यही चाहता, उन्नति शिष्य करे।
इसीलिए तो डाँट लगाकर, दर्शन समझाता।।

गुरूदेव का वन्दन, प्रतिदिन जो करता।
सरस्वती माता का, वो ही वर पाता।।

17 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर कविता, शिक्षक दिवस की शुभकामनायें..

    उत्तर देंहटाएं
  2. आरती-वारती गुरुदेव को ही लिखने दीजिए ना.....आप गान, माने की गाना काहे नहीं लिखते.....

    उत्तर देंहटाएं
  3. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. गुरुवर करूँ प्रणाम मैं, रविकर मेरो नाम |
      पाया अक्षर ज्ञान है, पाया ज्ञान तमाम |

      पाया ज्ञान तमाम, निपट अज्ञानी लेकिन |
      बहियाँ मेरी थाम, अनाड़ी हूँ तेरे बिन |

      सतत मिले आशीष, पुन: आया हूँ दरपर |
      करिए शुभ कल्याण, शिष्य सच्चा हूँ गुरुवर -

      हटाएं
  4. शिक्षक दिवस की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी यह सुन्दर रचना दिनांक 06.09.2013 को http://blogprasaran.blogspot.in/ पर लिंक की गयी है। कृपया इसे देखें और अपने सुझाव दें।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर..शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाये...!

    उत्तर देंहटाएं
  7. जय हो गुरुदेव की जिन्होने यहाँ तक पहुंचाया।

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुंदर रचना !
    शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाये !

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा - शुक्रवार -6/09/2013 को
    धर्म गुरुओं का अधर्म की ओर कदम ..... - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः13 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra





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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति। ।

    उत्तर देंहटाएं
  11. गुरूदेव का वन्दन, प्रतिदिन जो करता।
    सरस्वती माता का, वो ही वर पाता।। बहुत सुंदर प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं

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