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बुधवार, 30 जुलाई 2014

"पूज्य पिताश्री! आपके बिना बहुत अधूरा हूँ मैं"

प्रातःस्मरणीय पूज्य पिताश्री!
आपके बिना बहुत अधूरा हूँ मैं।
आपके बिना मेरा मन बहुत उदास है।
परमपिता परमात्मा आपको सद्गति
और आपकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें।
हे प्रभो!
आपसे बारम्बार यही विनय है।
पूज्य पिताश्री आपकी आत्मा की शान्ति 
एवं सदगति के लिए
दिनांक 01-08 2014 को
प्रातः 10 बजे यज्ञ (हवन)
और 12 बजे से एक बजे तक
श्रद्धाञ्जलि का कार्यक्रम
आयोजित किया गया है।

1 टिप्पणी:

  1. शास्त्री जी सर ,पिता को खोने के बाद हर आस्वाशन उसकी संतान के लिए कम पड जाते हे और कोई आस्वाशन जन्मो से जुड़े रिस्तो को दे भी नही पाता ,फिर भी आप हिम्मत रखिये आपके पिता को आपका उदाश होना जरा भी अछा नही लगेगा क्युकी माता पिता कभी दुनिया नही छोड़ते उनकी नजर सदा आप पर रहेगी , उनका साया सदा ही आपके साथ आपकी रक्षा करता रहेगा ,

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