"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

सोमवार, 7 जुलाई 2014

"गीत-खिलने लगा सूखा चमन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

घिर गये बादल गगन में, चल पड़ी पुरवा पवन।
पा सुधा की बून्द को, खिलने लगा सूखा चमन।।

गाँववासी रोपने को धान,
खेतों में चले हैं,
देख वर्षा को नयन में,
अन्न के सपने पले हैं,
पड़ रहीं रिमझिम फुहारें, मिट गयी सारी तपन।
पा सुधा की बून्द को, खिलने लगा सूखा चमन।।

आज फिर बालक खुशी से,
नाव आँगन में चलाते,
भीगना लगता सुहाना,
तेज बारिश में नहाते,
आज तो नन्हें सुमन भी, कर रहे हैं आचमन।
पा सुधा की बून्द को, खिलने लगा सूखा चमन।।

देखकर काली घटा,
सूरज गया छुट्टी मनाने,
बया ने भी बुन लिए थे,
कुछ निरापद आशियाने,
इन जुलाहों की कला को, सभी करते हैं नमन।
पा सुधा की बून्द को, खिलने लगा सूखा चमन।।

6 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति मंगलवारीय चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह सुंदर लेखन व रचना , आ. धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  3. पड़ रहीं रिमझिम फुहारें, मिट गयी सारी तपन।
    पा सुधा की बून्द को, खिलने लगा सूखा चमन।
    ..बहुत सुन्दर प्रस्तुति ..
    पड़ी फुहार आयी बहार

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर शब्द और चित्र..

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails