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सोमवार, 5 सितंबर 2016

"गणेश वन्दना-गणेशोत्सव पर विशेष" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

श्रीमती अमर भारती 
के स्वर में!
मेरी लिखी हुई 
यह गणेश वन्दना सुनिए
और आप भी साथ-साथ गाइए!
विघ्न विनाशक-सिद्धि विनायक।
कृपा करो हे गणपति नायक!!

सबसे पहले तुमको ध्याता,
चरणयुगल में शीश नवाता,
आदि देव जय-जय गणनायक।
कृपा करो हे गणपति नायक!!

पार्वती-शिव के तुम नन्दन,
करते सभी तुम्हारा वन्दन,
सबको देते फल शुभदायक!
कृपा करो हे गणपति नायक!!

लेकर धूप-दीप और चन्दन,
सारा जग करता अभिनन्दन,
मैं अबोध अनुचर अनुगायक!
कृपा करो हे गणपति नायक!!

मूषक-मोदक तुमको प्यारे,
विपदाओं को टारनहारे,
निर्बल के तुम सदा सहायक!
कृपा करो हे गणपति नायक!!

4 टिप्‍पणियां:

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