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शनिवार, 15 अगस्त 2009

‘‘मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

मेरे प्यारे वतन, जग से न्यारे वतन।

मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।

अपने पावों को रुकने न दूँगा कहीं,
मैं तिरंगे को झुकने न दूँगा कहीं,
तुझपे कुर्बान कर दूँगा मैं जानो तन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।

जन्म पाया यहाँ, अन्न खाया यहाँ,
सुर सजाया यहाँ, गीत गाया यहाँ,
नेक-नीयत से जल से किया आचमन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।

तेरी गोदी में पल कर बड़ा मैं हुआ,

तेरी माटी में चल कर खड़ा मैं हुआ,

मैं तो इक फूल हूँ तू है मेरा चमन।

मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।


स्वप्न स्वाधीनता का सजाये हुए,
लाखों बलिदान माता के जाये हुए,
कोटि-कोटि हैं उनको हमारे नमन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।


जश्ने आजादी आती रहे हर बरस,
कौम खुशियाँ मनाती रहे हर बरस,
देश-दुनिया में हो बस अमन ही अमन।
मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।
(चित्र गूगल सर्च से साभार)

27 टिप्‍पणियां:

  1. तेरी गोदी में पल कर बड़ा मैं हुआ,
    तेरी माटी में चल कर खड़ा मैं हुआ,
    मैं तो इक फूल हूँ तू है मेरा चमन।
    मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।

    - काश ऐसे विचार हर भारतवासी आत्मसात कर लेता !

    उत्तर देंहटाएं
  2. स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत बधाई |

    उत्तर देंहटाएं
  3. swatantrata diwas par bahut hi anmol nazm likhi hai.........badhayi.

    उत्तर देंहटाएं
  4. अपने पावों को रुकने न दूँगा कहीं,मैं तिरंगे को झुकने न दूँगा कहीं,तुझपे कुर्बान कर दूँगा मैं जानो तन।मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।


    बढ़िया रचना..देशभक्ति के बीज़ उत्पन्न करती हुई..
    बधाई..

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत ही सुन्दर
    स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  6. तेरी गोदी में पल कर बड़ा मैं हुआ,
    तेरी माटी में चल कर खड़ा मैं हुआ,
    मैं तो इक फूल हूँ तू है मेरा चमन।
    bahut khubsurat jazbaat, swatantrata divas ki badhai.

    उत्तर देंहटाएं
  7. शानदार रचना । स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाह बहुत बढ़िया लिखा है आपने! स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  9. आपके सुन्दर गीत जो मेरा नमन, जय हिन्द!

    उत्तर देंहटाएं
  10. राष्ट्रिय भावो से भरे गीत की हर अभिलाषा पूर्ण हो, इस आकांशा के साथ आपको भी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  11. swatantrata divas ki haardik shubh kamnaaye ,jai hind ,
    स्वप्न स्वाधीनता का सजाये हुए,लाखों बलिदान माता के जाये हुए,कोटि-कोटि हैं उनको हमारे नमन।मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।
    bahut sundar .

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत सुंदर रचना.

    स्वतंत्रता दिवस की घनी रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  13. आज़ादी की 62वीं सालगिरह की हार्दिक शुभकामनाएं। इस सुअवसर पर मेरे ब्लोग की प्रथम वर्षगांठ है। आप लोगों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए मैं आपकी आभारी हूं। प्रथम वर्षगांठ पर मेरे ब्लोग पर पधार मुझे कृतार्थ करें। शुभ कामनाओं के साथ-
    रचना गौड़ ‘भारती’

    उत्तर देंहटाएं
  14. तेरी गोदी में पल कर बड़ा मैं हुआ,
    तेरी माटी में चल कर खड़ा मैं हुआ

    मन को झंझोर देते हैं आपके गीत......... लाजवाब , देश प्रेम की भावना से भरे......... प्रणाम है मेरा .........

    उत्तर देंहटाएं
  15. shastri ji, Aapne itani badhia desh bhakti ki kavita lagai hai ki bar-bar gungunane ko man karata hai.
    badhai.

    उत्तर देंहटाएं
  16. शास्त्री जी।
    देश-प्रेम में रंगा यह कलाम मुझे
    बहुत पसन्द आया।
    मुबारकवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  17. मयंक जी।
    आपका यह गीत,
    ताल, लय के साथ मीटर में भी फिट है।
    बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  18. मयंक भैय्या!
    बढ़िया रचना के लिए,
    बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  19. बहुत ही सुन्दर
    स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  20. SHASTRI JI.
    MERI BETIYON NE AAPKA YE GEET
    SCHOOL KE PROGRAMME MEN SUNAYA
    AUR INAAM JEETA.
    aAPKO BAHUT-BAHUT BADHAI.

    उत्तर देंहटाएं
  21. मित्रों!
    आप सभी की बहुमूल्य टिप्पणियों के लिए
    हृदय से आभार प्रकट करता हूँ।

    डॉ.इन्द्रदेव माहर जी की बेटियों के
    उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ।

    उत्तर देंहटाएं
  22. मैं तो इक फूल हूँ तू है मेरा चमन।
    मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।।
    आपने कितनी ही सुन्दरता से अपने दिल के भावः को शब्दों में पिरो कर कविता बना दी. अच्छी रचना के लिए बधाई. लेकिन आपकी और मेरी लिखनी में मात्र इतना ही फर्क है की आप अपने दिल के भावः से कविता बनाते है और मैं उन्ही शब्दों से गुफ्तगू करता हूँ. स्वतंत्रता दिवस पर लिखी मेरी गुफ्तगू को एक बार जरुर पढ़े. www.gooftgu.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  23. desh bhagti ke bhao me bhar dene ke liye danyawaad. shri maan

    उत्तर देंहटाएं
  24. जश्ने आजादी आती रहे हर बरस,
    कौम खुशियाँ मनाती रहे हर बरस,
    देश-दुनिया में हो बस अमन ही अमन।
    मेरे प्यारे वतन, ऐ दुलारे वतन।.
    vandematram jaishri ram .......

    उत्तर देंहटाएं
  25. desh bhagti ke bhao me bhar dene ke liye danyawaad. shri maan

    उत्तर देंहटाएं

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