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सोमवार, 12 नवंबर 2012

"दीपावली के दोहे" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


दीपक जलता है तभी, जब हो बाती-तेल।
खुशिया देने के लिए, चलता रहता खेल।१।
--
तम हरने के वास्ते, खुद को रहा जलाय।
दीपक काली रात को,  आलोकित कर जाय।२
--।
झिलमिल-झिलमिल जब जलें, दीपक एक कतार।
तब बिजली की झालरें, लगती हैं बेकार।३।
--
मेधावी मेधा करे, उन्नत करे चरित्र।
मातु शारदे को नहीं, बिसरा देना मित्र।४।
--
लक्ष्मी और गणेश के, साथ शारदा होय।
उनका दुनिया में कभी, बाल न बाँका होय।५।
--
दीवाली का पर्व है, सबको दो उपहार।
आतिशबाजी का नहीं, दीपों का त्यौहार।६।
--
दौलत के मद में नहीं, बनना कभी उलूक।
शिक्षा लेकर पेड़ से, करना सही सुलूक।७।

23 टिप्‍पणियां:

  1. तम हरने के वास्ते, खुद को रहा जलाय।
    दीपक काली रात को, आलोकित कर जाय।

    बहुत खूबसूरत प्रस्तुति,,,,
    दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ,,,,
    RECENT POST:....आई दिवाली,,,100 वीं पोस्ट,

    म्यूजिकल ग्रीटिंग देखने के लिए कलिक करें,

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर दोहे .... दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  3. बढ़िया दोहे। दीपपर्व की हार्दिक शुभकामना

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपको दिवाली की शुभकामनाएं । आपकी इस खूबसूरत प्रविष्टि की चर्चा कल मंगल वार 13/11/12 को चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आप का हार्दिक स्वागत है

    उत्तर देंहटाएं
  5. ----- अवसरवादी -----
    काढ़ कढ़इ कर तेल घी दीपक रहा उबाल ।
    कड़क कड़क कढ़ेरन में तू बूंदी निकाल ।।

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर प्रस्तुति.

    दीप पर्व की आपको व आपके परिवार को ढेरों शुभकामनायें

    मन के सुन्दर दीप जलाओ******प्रेम रस मे भीग भीग जाओ******हर चेहरे पर नूर खिलाओ******किसी की मासूमियत बचाओ******प्रेम की इक अलख जगाओ******बस यूँ सब दीवाली मनाओ

    उत्तर देंहटाएं
  7. बेह्तरीन अभिव्यक्ति
    दीपपर्व की हार्दिक शुभकामना मेधावी मेधा करे, उन्नत करे चरित्र।
    मातु शारदे को नहीं, बिसरा देना मित्र।४।
    --
    लक्ष्मी और गणेश के, साथ शारदा होय।
    उनका दुनिया में कभी, बाल न बाँका होय।५।
    --
    दीवाली का पर्व है, सबको दो उपहार।
    आतिशबाजी का नहीं, दीपों का त्यौहार।६।

    उत्तर देंहटाएं
  8. सभी दोहे एक से बढ़कर एक हैं.
    आपको भी दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत खूबसूरत .
    दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुंदर.. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं!

    उत्तर देंहटाएं
  11. दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  12. सुन्दर रचना....दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत ही सुंदर !
    दीप पर्व पर सपरिवार ढेरों शुभकामनाऎं!!

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. दीप पर्व की

      हार्दिक शुभकामनायें
      देह देहरी देहरे, दो, दो दिया जलाय-रविकर

      लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

      हटाएं
  14. बहुत सुंदर व अर्थपूर्ण दोहे !
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ !:-)
    ~सादर !!!

    उत्तर देंहटाएं
  15. सभी दोहे प्रेरक हैं। आपको दीपावली की ढेरों शुभकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं

  16. दीपक जलता है तभी, जब हो बाती-तेल।
    खुशिया देने के लिए, चलता रहता खेल।१।
    --
    तम हरने के वास्ते, खुद को रहा जलाय।
    दीपक काली रात को, आलोकित कर जाय।२
    --।
    झिलमिल-झिलमिल जब जलें, दीपक एक कतार।
    तब बिजली की झालरें, लगती हैं बेकार।३।
    --
    मेधावी मेधा करे, उन्नत करे चरित्र।
    मातु शारदे को नहीं, बिसरा देना मित्र।४।
    --
    लक्ष्मी और गणेश के, साथ शारदा होय।
    उनका दुनिया में कभी, बाल न बाँका होय।५।
    --
    दीवाली का पर्व है, सबको दो उपहार।
    आतिशबाजी का नहीं, दीपों का त्यौहार।६।
    --
    दौलत के मद में नहीं, बनना कभी उलूक।
    शिक्षा लेकर पेड़ से, करना सही सुलूक।७।
    सकारात्मक सन्देश देते प्रासंगिक ध्वनी पैदा करते बेहतरीन दोहे .

    उत्तर देंहटाएं

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