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रविवार, 4 नवंबर 2012

"आम को आम लिखेंगे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


आम-आम को आम लिखेंगे
नहीं खास को आम लिखेंगे

लिखने में समझौता कैसा
मक्कारों को न्योता कैसा
सिक्कों में हम नहीं बिकेंगे
नहीं सुबह को शाम लिखेंगे
नहीं खास को आम लिखेंगे

मर्म सुनायेंगे जनता का
धर्म निभायेंगे कविता का
सच लिखने से नहीं डरेंगे
घोटालों के नाम लिखेंगे
नहीं खास को आम लिखेंगे

बगुलों को नहीं हंस लिखेंगे
समझौतों के दंश लिखेंगे
जो स्वदेश को गिरवीं रखते
उनके काले काम लिखेंगे
नहीं खास को आम लिखेंगे

21 टिप्‍पणियां:

  1. कवि का धर्म निबाहती हुयी सुंदर कविता ....

    उत्तर देंहटाएं
  2. लिखने में समझौता कैसा
    मक्कारों को न्योता कैसा
    सिक्कों में हम नहीं बिकेंगे
    नहीं सुबह को शाम लिखेंगे
    नहीं खास को आम लिखेंगे

    यही कवि का धर्म है ………सुन्दर रचना

    उत्तर देंहटाएं
  3. सटीक |
    साहित्यकार ही तो समाज को दिशा दिखता है-
    शुभकामनायें गुरु जी ||

    उत्तर देंहटाएं
  4. कविता का धर्म तो कवि ही निभायंगे ..बहुत सुन्दर ..शास्त्री जी..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  5. वैसे भी .... खास होते हैं "आम" कहाँ

    बिक जाते, मिलते हैं "दाम" जहाँ

    सही कहा आपने ...नही ख़ास को आम लिखेंगे ...

    सादर!

    उत्तर देंहटाएं
  6. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपकी साफ़ सुथरी लेखन शैली ही आपके पाठकों को बांधे रखती है.वर्ना लोग विवादास्पद लिख कर सिर्फ एक वर्ग के होकर रह जाते हैं.

    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स
    इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड

    उत्तर देंहटाएं
  8. जो स्वदेश को गिरवीं रखते
    उनके काले काम लिखेंगे...

    बहुत खूब...

    उत्तर देंहटाएं
  9. जोशपूर्ण सुंदर एवं सार्थक गीत....

    उत्तर देंहटाएं
  10. अच्छी कविता है, अच्छी ही लिखेंगे
    बातें बस हम तो सच्ची ही लिखेंगे।

    उत्तर देंहटाएं
  11. बगुलों को नहीं हंस लिखेंगे
    समझौतों के दंश लिखेंगे
    जो स्वदेश को गिरवीं रखते
    उनके काले काम लिखेंगे
    नहीं खास को आम लिखेंगे,,,,

    सच्चाई से परिपूर्ण सुंदर कविता,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  12. सत्य कहना ही सभी बुद्धिजीवियों का धर्म होता है विशेषत: कवि का ..

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत ख़ूब!
    आपकी यह सुन्दर प्रविष्टि आज दिनांक 05-11-2012 को सोमवारीय चर्चामंच-1054 पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

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  14. कलम की स्वतंत्रता बहुत बड़ी उपलब्धि है!

    उत्तर देंहटाएं
  15. वाह ... वाह बहुत ही बढिया।

    उत्तर देंहटाएं
  16. sundar rachna padhvayee, kavion ka vidrohi tevar bana hi rhna chahiye

    उत्तर देंहटाएं

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