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रविवार, 25 नवंबर 2012

"नानकमत्ता साहिब का दिवाली मेला” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)


दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2432
ये गुरूनानक का दरबार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2434IMG_2444लगा हुआ नानकमत्ता में, दीवाली का मेला,
कृपाणों की दूकानें और फूलों का है ठेला,
मनचाहा ले लो उपहार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2437देखो-देखो कितने सुन्दर कंघे, कड़े-खिलौने,
मन को आकर्षित करते हैं सुन्दर चित्र सलोने,
सामानों की है भरमार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2441गड़े हुए हैं इस मेले में ऊँचे-ऊँचे झूले,
देख-देख इनको बच्चों के मन खुशियो से फूले,
उत्सव से सबको है प्यार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2443IMG_2439हीं मौत का कुआँ कहीं पर सर्कस लगा अनोखा,
इन्द्रज़ाल को दिखला कर जादूगर देता धोखा,
करतब दिखलाती हैं कार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2445उत्सव के इस महाकुम्भ में छाई हैं तरुणाई,
मनचाही चीजें लेने को आये लोग लुगाई,
उमड़ा है मानों संसार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2446पाषाणो को छाँट रहे हैं मानुष हट्टे-कट्टे,
गाँवों से महिलाएँ आयीं लेने को सिलबट्टे,
थोड़े दिन का है बाज़ार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।

16 टिप्‍पणियां:

  1. मेले में सबसे अधिक, बिके चाट मिष्ठान ।

    गुरूद्वारे की शरण में, करें सभी उत्थान ।

    करें सभी उत्थान, मौज मस्ती का खेला ।

    घंटे बीते चार, छूट सब जाय झमेला ।

    ठोकर लग ना जाय, नहीं पब्लिक को ठेलें ।

    घुटने में है चोट, घूमते क्यूँकर मेले ??

    शुभकामनायें-

    शीघ्र स्वास्थ्य लाभ करें -

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

    उत्तर देंहटाएं
  3. मेले का मजा मिल गया आपकी कविता में।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ख़ूब!
    आपकी यह सुन्दर प्रविष्टि कल दिनांक 26-11-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  5. नानकमत्‍ता गुरूद्वारा कहां पर है जी

    उत्तर देंहटाएं
  6. दर्शन किया बारंबार
    बनी रहे आपकी सक्रियता साकार

    उत्तर देंहटाएं
  7. तस्वीरों के साथ दर्शन का मज़ा आ गया ....

    उत्तर देंहटाएं
  8. मेलों का अपना अलग ही आकर्षण होता है -खासतौर से जहाँ सिल-बट्टा ,इन्द्रजाल और चाट जैसी चीजें हो .

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह अनुपम भाव संयोजित किये है आपने इस अभिव्‍यक्ति में ...
    सादर आभार

    उत्तर देंहटाएं

  10. मेले का काव्यात्मक वृत्तांत हाईगु पे भारी है ,

    शास्त्री की फुलवारी है .

    उत्तर देंहटाएं
  11. दर्शन कर लो बारंबार—गुरुपर्व के दर्शन हो गये.धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  12. मेले की धूम ....सार्थक प्रस्तुति ....!!

    उत्तर देंहटाएं

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