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शुक्रवार, 9 नवंबर 2012

"उत्तराखण्ड राज्य स्थापनादिवस" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आज 9  नवम्बर है। 
आज से बारह वर्ष पूर्व 
भारत के 27वें राज्य के रूप में 
सन् 2000 को 
उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना हुई थी! 
उत्तराखण्ड (पूर्व नाम उत्तराञ्चल), उत्तर भारत में स्थित एक राज्य है जिसका निर्माण ९ नवम्बर २००० को कई वर्षों के आन्दोलन के पश्चात  भारत गणराज्य के सत्ताइसवें राज्य के रूप में किया गया था। सन २००० से २००६ तक यह उत्तराञ्चल के नाम से जाना जाता था। जनवरी २००७ में स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया। राज्य की सीमाएँ उत्तर में तिब्बत और पूर्व में नेपाल से लगी हैं। पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश इसकी सीमा से लगे राज्य हैं। सन २००० में अपने गठन से पूर्व यह उत्तर प्रदेश का एक भाग था। पारम्परिक हिन्दू ग्रन्थों और प्राचीन साहित्य में इस क्षेत्र का उल्लेख उत्तराखण्ड के रूप में किया गया है। हिन्दी और संस्कृत में उत्तराखण्ड का अर्थ उत्तरी क्षेत्र या भाग होता है। राज्य में हिन्दू धर्म की पवित्रतम और भारत की सबसे बड़ी नदियों गंगा और यमुना के उद्गम स्थल क्रमशः गंगोत्री और यमुनोत्री तथा इनके तटों पर बसे वैदिक संस्कृति के कई महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थान हैं।
देहरादून, उत्तराखण्ड की अन्तरिम राजधानी होने के साथ इस राज्य का सबसे बड़ा नगर है। गैरसैण नामक एक छोटे से कस्बे को इसकी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भविष्य की राजधानी के रूप में प्रस्तावित किया गया है किन्तु विवादों और संसाधनों के अभाव के चलते अभी भी देहरादून अस्थाई राजधानी बना हुआ है। राज्य का उच्च न्यायालय नैनीताल में है।
राज्य सरकार ने हाल ही में हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये कुछ पहल की हैं। साथ ही बढ़ते पर्यटन व्यापार तथा उच्च तकनीकी वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए आकर्षक कर योजनायें प्रस्तुत की हैं। राज्य में कुछ विवादास्पद किन्तु वृहत बाँध परियोजनाएँ भी हैं जिनकी पूरे देश में कई बार आलोचनाएँ भी की जाती रही हैं, जिनमें विशेष है भागीरथी-भीलांगना नदियों पर बनने वाली टिहरी बाँध परियोजना। इस परियोजना की कल्पना १९५३ मे की गई थी और यह अन्ततः २००७ में बनकर तैयार हुआ। उत्तराखण्ड, चिपको आन्दोलन के जन्मस्थान के नाम से भी जाना जाता है।
uttarakhandmapadministrative1उत्तराखण्ड राज्य का गठन   -   9 नवम्बर, 2000 
कुल क्षेत्रफल                    -   53,483 वर्ग कि.मी.
कुल वन क्षेत्र                   -   35,384 वर्ग कि.मी.
राजधानी                        -   देहरादून (अस्थायी)
सीमाएँ 
अन्तर्राष्ट्रीय                     -   चीन, नेपाल
                        राष्ट्रीय                            -   उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश
कुल जिले           -   13
उच्च न्यायालय            -   नैनीताल
प्रति व्यक्ति आय                -   15,187 रुपये
प्रशासनिक इकाई 
मण्डल                                              -   2 (कुमाऊँ और गढ़वाल)
तहसील                         -   78
विकास खण्ड                   -   95
न्याय पंचायत                  -   670
ग्राम पंचायत                       -   7,227
कुल ग्राम                              -   16,826
नगर निगम                 -   1
आबाद ग्राम                         -  15,761
शहरी इकाइयाँ                -   86
नगर पालिकाएँ               -   31
नगर पंचायत                 -   31
छावनी परिषद                -   09
कुल जनसंख्या                -   84,89,349 (सन् 2000 में)
पुरुष                            -   43,35,924
महिलाएँ                        -   41,63,425
लिंग अनुपात                  -   984 : 1000
                                     (महिला : पुरुष)
प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थल- 
नैनीताल, मसूरी, पौड़ी, रानीखेत, चम्पावत, द्यारा, औली, खिर्सू, खतलिंग, वेदिनी बुग्याल, फूलों की घाटी, लैंसडाउन, लाखामण्डल, पाताल भुवनेश्वर, गंगोलीहाट, जौलजीबी, पूर्णागिरि, नानकमत्ता साहिब, चितई गोलू देवता, कटारमल, कौसानी, गागेश्वर धाम, द्वाराहाट, सोमेश्वर, बैजनाथ धाम, पिण्डारी ग्लेशियर, शिखर इत्यादि।
प्रमुख धार्मिक स्थल- 
बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, पंचकेदार, पंचबदरी, पंच प्रयाग, हरिद्वार, ऋषिकेश, हेमकुण्ड साहिब, पूर्णागिरि, चितई गोलू देवता, पिरान कलियर, नानकमत्ता साहिब, रीठा साहिब, बौद्ध स्तूप देहरादून आदि।
प्रमुख लोकगीत एवं लोक नृत्य- 
झुमैलो, थड़्या, चौफला, रासौ, पण्डवानी, तांदी, भड़गीत, जागर, चांचरी, पांडव, झोडा, छोलिया, थारू आदिवासी नृत्य आदि।
मौसम- 
ग्रीष्मकाल- मार्च से जून के मध्य तक, वर्षाकाल- मद्य जून से मध्य सितम्बर तक, शीतकाल- मध्य सितम्बर से फरवरी तक।
राज्य पुष्प- ब्रह्म कमल (SAUSSUREA OBVALLATA)।
राज्य पशु- कस्तूरी मृग (MOSCHUS CHRYSOGASTER)।
राज्य वृक्ष- बुरांश (RHODODENDRONARBOREUM)।
राज्य पक्षी- मोनाल (LOPHOORUS IMPEGANUS)।
आय के प्रमुख स्रोत- 
वन सम्पदा, विद्युत, जल संसाधन, जड़ी बूटी, पर्यटन, तीर्थाटन, खनिज सम्पदा आदि।
प्रमुख खनिज- 
चूना, पत्थर, मैग्नेसाइट, जिप्सम आदि।
प्रमुख फसलें- 
धान, गेहूँ, जौ, मण्डुआ, झंगोरा, मक्का, चौलाई आदि।
प्रमुख फल- 
आम, सेव, लीची, जामुन, नाशपाती, माल्टा आदि।
प्रमुख नदियाँ- 
भागीरथी (गंगा), अलकनन्दा, मन्दाकिनी।
(गंगा, पिण्डारी, टौन्स, यमुना, काली, गोरी, सरयू, नयार, भिलंगना, शारदा आदि।
उत्तराखण्ड के मुख्यमन्त्री 
और उनके कार्यकाल
nityanश्री नित्यानन्द स्वामी- 
9 November 2000 से 29 October 2001 तक।
(भारतीय जनता पार्टी)
bhatsinghkoshyariश्री भगत सिंह कोश्यारी 
30 October 2001 से 1 March 2002 तक।
(भारतीय जनता पार्टी)
14-ndtiwari200
श्री पं.नारायण दत्त तिवारी 
2 March 2002 से 7 March 2007 तक।
(भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस)
khanduri-thumbश्री मे.ज. भुवन चन्द्र खण्डूरी 
8 March 2007 से 23 June 2009 तक।
(भारतीय जनता पार्टी)
nishankश्री रमेश पोखरियाल “निशंक” 
24 June 2009 से 10 september 2011 तक।
(भारतीय जनता पार्टी)

श्री मे.ज. भुवन चन्द्र खण्डूरी 
10 September 2011 से 13 march 2012 तक।
(भारतीय जनता पार्टी)
मा.विजय बहुगुणा एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं । 
वे उत्तराखण्ड राज्य के सातवें मुख्यमंत्री है।

श्री विजय बहुगुणा
वर्तमान में उत्तराखण्ड के मा. मुख्यमन्त्री
23 march 2012 से
(भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस)
--
उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों को 
राज्य की स्थापना दिवस की वर्षगाँठ पर 
हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ!

11 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति
    उत्तराखंड राज्य विकास के पथ निरंतर अग्रसर
    होता रहे
    उत्तराखंड के समस्त निवासिओं को दीपावली की मंगल कामना

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुन्दर जानकारी के साथ ज़बरदस्त प्रस्तुति , शास्त्री जी ! उत्तराखंड के लिए जरूरी है विकास, मूलभूत सुविधाएँ और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार ! देखना है जी जनता की उम्मीदों पर यह सरकार कितनी खरी निकल पाती है !दुर्गम पहाड़ों पर तो बहुत दूर की बात है राजधानी देहरादून में भी बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है ! खैर, आपको और उत्तराखंड की समस्त जनता को दीपावली के पावन पर्व पर और इस सालगिरह पर हार्दिक शुभकामनाये और बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  3. अच्छी जानकारी परस्तुत की है डा0 साहब आपने ...धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपका इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (10-11-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    उत्तर देंहटाएं
  5. वर्ष-गाँठ पर ढेरों शुभकामनायें ||

    उत्तर देंहटाएं
  6. नये राज्य को समृद्धि का वरदान मिले।

    उत्तर देंहटाएं
  7. उत्तराखंड देव-भूमि का भाग है ,जिसने इस देश की धरती को बहुत कुछ दिया है -इसकी पावनता और सामर्थ्य और-और निखरे ,यही मन से निकलता है !

    उत्तर देंहटाएं

  8. वाह शास्त्री जी उत्तराखंड का पूरा इतिहास और वर्तमान उतार दिया समूचा इस पोस्ट में .शुक्रिया .

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत बढ़िया ज्ञानवर्धक प्रस्तुति हेतु आभार!!

    उत्तर देंहटाएं
  10. पैदा हुआ मेरा राज्य
    पर अब पता लग रहा है
    दो बूँद जिंदगी की
    किसी ने उसको नहीं पिलायी
    क्योंकी पोलियोग्रस्त को संभालना
    आसान हो जाता है
    बिना प्रतिरोध !

    उत्तर देंहटाएं
  11. क्या बात है..
    बहुत बढिया जानकारी...
    संग्रहणीय पोस्ट

    उत्तर देंहटाएं

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