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मंगलवार, 9 नवंबर 2010

“दिवाली मेला” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)


दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2432
ये गुरूनानक का दरबार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2434IMG_2444लगा हुआ नानकमत्ता में, दीवाली का मेला,
कृपाणों की दूकानें और फूलों का है ठेला,
मनचाहा ले लो उपहार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2437देखो-देखो कितने सुन्दर कंघे, कड़े-खिलौने,
मन को आकर्षित करते हैं सुन्दर चित्र सलोने,
सामानों की है भरमार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2441गड़े हुए हैं इस मेले में ऊँचे-ऊँचे झूले,
देख-देख इनको बच्चों के मन खुशियो से फूले,
उत्सव से सबको है प्यार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2443IMG_2439हीं मौत का कुआँ कहीं पर सर्कस लगा अनोखा,
इन्द्रज़ाल को दिखला कर जादूगर देता धोखा,
करतब दिखलाती हैं कार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2445उत्सव के इस महाकुम्भ में छाई हैं तरुणाई,
मनचाही चीजें लेने को आये लोग लुगाई,
उमड़ा है मानों संसार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।
IMG_2446पाषाणो को छाँट रहे हैं मानुष हट्टे-कट्टे,
गाँवों से महिलाएँ आयीं लेने को सिलबट्टे,
थोड़े दिन का है बाज़ार।
दर्शन कर लो बारम्बार।।

17 टिप्‍पणियां:

  1. अद्भुत।
    रोचक शैली में यह कविता एक नौटंकी सा समां बांध देती है, जहां दर्शक .. सॉरी ... पाठक कवि के साथ सारे दृष्य साकार होते हुए देख लेता है।
    आभार!
    आपकी लेखनी का एक और चमत्कार!

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही सुन्दर .लिखावट भी और बनावट (तस्वीरें) भी .आभार दर्शन कराने का.

    उत्तर देंहटाएं
  3. जीवंत प्रस्तुति ! सजीव चित्रण.. आकर्षक शैली

    उत्तर देंहटाएं
  4. पाषाणो को छाँट रहे हैं मानुष हट्टे-कट्टे,
    गाँवों से महिलाएँ आयीं लेने को सिलबट्टे,
    थोड़े दिन का है बाज़ार।
    दर्शन कर लो बारम्बार।।
    .....bahut sundar jhalkiyon bhari h Deewali mele ke prastuti man ko bahut bha gayee... Guru nanak Darshan karane ke liye aabhar.

    उत्तर देंहटाएं
  5. मज़ा आ गया शास्त्री जी ... फोटो भी लाजवाब और आपके लिखने की शैली भी कमाल ...

    उत्तर देंहटाएं
  6. हर बार एक नया अन्दाज़ लेकर आते हैं आप ……………इस बार तो गज़ब कर दिया ……………गीतमय चित्रण देखकर आनन्द आ गया।

    उत्तर देंहटाएं
  7. तस्वीरें देख कर लगा कि मेले मे घूम रहे है। रचना भी सुन्दर लगी। धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  8. मेले में आपने हमें भी घुमा दिया .. बहुत सुंदर प्रस्‍तुति !!

    उत्तर देंहटाएं
  9. डैम आकर्षित करता है मुझे. ऐतिहासिक पाकड़ का पेड़ (शायद) और अन्दर लिखा हुआ इतिहास..

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  10. शास्त्री जी... सादर नमस्कार व् चरणस्पर्श... आपके स्नेह के लिए आपका बहुत बहुत आभारी हूँ... ऐसा ही स्नेह बनाये रखिये..

    उत्तर देंहटाएं
  11. चित्रों के साथ सुंदर शब्दों में प्रस्तुत आपकी पोस्ट्स हमेशा ही खास होती हैं..... बहुत सुंदर

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  12. बहुत सुंदर शास्त्री जी ... चित्र भी बहुत पसंद आये ... आभार

    उत्तर देंहटाएं
  13. नानक जी का दरबार और बाजार की सैर आपने बहुत सुंदर ढंग से चित्रों और गीत के माध्यम से कराई, अच्छा लगा...बहुत बहुत धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं

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