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शनिवार, 13 नवंबर 2010

"हमारा वतन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


हमको प्राणों ,से प्यारा, हमारा वतन!
सारे संसार में, सब से न्यारा वतन!!

गंगा-जमुना निरन्तर, यहाँ बह रही,
दादी सीता की सुन्दर, कथा कह रही,
राम और श्याम का है, दुलारा वतन!
सारे संसार में, सब से न्यारा वतन!!

बुद्ध-गांधी अहिंसा के आधर थे,
सत्य नौका के मजबूत पतवार थे,
चाचा नेहरू ने ढंग से सँवारा वतन!
सारे संसार में, सब से न्यारा वतन!!

शैलशिखरों पे संजीवनी की छटा,
सर्दी-गर्मी कभी है, कभी घन-घटा,
कितनी सुन्दर धरा, कितना प्यारा गगन!
सारे संसार में, सब से न्यारा वतन!!

पेड़-पौधों का निखरा हुआ रूप है,
घास है मखमली, गुनगुनी धूप है,
साधु-सन्तों ने तपकर निखारा वतन!
सारे संसार में, सब से न्यारा वतन!!

सबको पूजा-इबादत का अधिकार है,
सर्व धर्मों का सम्भाव सत्कार है,
दीन-दुखियों को देता, सहारा वतन!
सारे संसार में, सब से न्यारा वतन!!

14 टिप्‍पणियां:

  1. आज मुझे नक्शा देखकर ही आनन्द भी हुआ और दुख भी.. आनन्द इसलिये क्योंकि इतना विशाल देश था अपना, जिस नक्शे को कभी बचपन में देखा था, वह अब दिखाई दिया. दुख इसलिये कि कितना छोटा सा रह गया...

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  2. बेहद खूबसूरत गीत्……………लयबद्ध पढकर मज़ा आ गया।

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  3. सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा ... :).... बहुत सुंदर रचना शास्त्री जी ...

    उत्तर देंहटाएं
  4. शास्त्री जी, बहुत ही सुन्दर। बडी खुशी हो रही है कि हमारा देश कभी इतना बडा था। लेकिन आज के समय में जबकि पाकिस्तान अलग हो गया, बांग्लादेश अलग हो गया और म्यांमार अलग हो गया; इन चारों देशों को अपना दिखाना साम्राज्यवादी मानसिकता दिखाता है। कृपया फोटू बदल दीजिये। आज हमारा देश चाहे छोटा ही सही, लेकिन अपना है। भारत का आधुनिक नक्शा लगाइये। बाकी आपकी मर्जी।

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  5. आपने चाचा नेहरू को याद किया अच्छा लगा

    उत्तर देंहटाएं
  6. hamara vatan ..padhkar bahut achcha laga.sunder rachna ke liye aabhar.

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुन्दर और सार्थक गीत...बधाई.

    _________________
    'शब्द-शिखर' पर पढ़िए भारत की प्रथम महिला बैरिस्टर के बारे में...

    उत्तर देंहटाएं

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