![]() रम रहा सब जगह राम है। ये धरा राम का धाम है।। सच्चा-सच्चा लगे, सबसे अच्छा लगे, कितना प्यारा प्रभू नाम है। ये धरा राम का धाम है।। नाम जप लो अभी, राम भज लो सभी, लगता कोई नहीं दाम है। ये धरा राम का धाम है।। वो खुदा-ईश्वर, सबको देता है वर, वो ही रहमान है श्याम है। ये धरा राम का धाम है।। वो अजर है अमर, सब जगह उसका घर, सबके करता सफल काम है। ये धरा राम का धाम है।। |
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कण कण में भगवान बसा है।
जवाब देंहटाएंबहुत भक्तिमय प्रस्तुति...जय श्री राम
जवाब देंहटाएंबढ़िया प्रस्तुति |
जवाब देंहटाएंनिराला अंदाज |
बधाई ||
badhiya
जवाब देंहटाएंसब तरफ राम ही राम..राममयी सुन्दर रचना..
जवाब देंहटाएंJAI SHREE RAM .AABHAR
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर रचना ………राममय हो गये।
जवाब देंहटाएंकण कण राम का
जवाब देंहटाएंकण कण में राम
सुन्दर रचना सर...
सादर...
"मोको कहाँ खोजे रे बन्दे में तो तेरे पास रे" शायद यही भाव आपकी कविता में निहित है सारगर्भित पोस्ट | आशा है कि आगे भी ज्ञानवर्धक बातें पढने मिलेंगी|
जवाब देंहटाएंरूप जी आपका यह रंग भी अच्छा लगा। जय श्रीराम!
जवाब देंहटाएंबिनु विश्वास भगति नहिं, तेहि बिनु द्रवहिं न राम।
राम कृपा बिनु सपनेहुं, जीवन लह विश्राम ।।
खूबसूरत राम मय प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंये धरा राम का धाम है।।
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर प्रस्तुति ||
आप पोस्ट लिखते है तब हम जैसो की दुकान चलती है इस लिए आपकी पोस्ट की खबर हमने ली है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - सिर्फ़ सरकार ही नहीं लतीफे हम भी सुनाते है - ब्लॉग बुलेटिन
जवाब देंहटाएंक्या बात है, बहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंबेहतरीन भक्तिमय प्रस्तुति।
जवाब देंहटाएंsaty baat hamesha sunder hi hoti hai. satyam...shivam...satyam.
जवाब देंहटाएंभक्ती मय सुंदर प्रस्तुति ,.बधाई ..
जवाब देंहटाएंमेरे नए पोस्ट-जूठन-में आपका इंतजार है
बहुत अच्छी कविता।
जवाब देंहटाएंjay shri ram
जवाब देंहटाएंbahut hi bhaktimay sundar rachana hai..
आप की पोस्ट ब्लोगर्स मीट वीकली (२०) के मंच पर प्रस्तुत की गई है /कृपया वहां आइये और अपने विचारों से हमें अवगत करिए /आप हिंदी भाषा की सेवा इसी लगन और मेहनत से करते रहें यही कामना है / आभार /link
जवाब देंहटाएंhttp://hbfint.blogspot.com/2011/12/20-khwaja-gareeb-nawaz.html
bahut achchi bhaktimay prastuti.sab jagah ram hai sab ke dil me ram hai bhinn bhinn bhaashaon me naam alag hai par ek hi ram hai.
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