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शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011

"कुण्ठाओं ने डाला डेरा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


हम चन्दा की क्या बात कहें,
सूरज को भी तम ने घेरा।
आशाओं के गुलशन में अब,
कुण्ठाओं ने डाला डेरा।।

गंगा-यमुना, बोली-भाषा,
सबकी बदली हैं परिभाषा,
दूषित है वातावरण आज,
लाचार हुआ सारा समाज,
रब का बँटवारा कर कहते,
वो है तेरा, ये है मेरा।
आशाओं के गुलशन में अब,
कुण्ठाओं ने डाला डेरा।।

ममता में स्वार्थ समाया है,
दुनिया में सब कुछ माया है,
मन में कोरा छल-कपट भरा,
भाई-चारे में प्यार मरा,
मर्यादाओं के उपवन में,
आवारा भँवरों का फेरा।
आशाओं के गुलशन में अब,
कुण्ठाओं ने डाला डेरा।।

तितली-मधुमक्खी आती हैं,
लेकिन हताश हो जाती हैं,
अब गन्ध नहीं सुमनों में है,
हरियाली नहीं वनों में है,
गुरू ज्ञान किसे दें बतलाओ,
है कोई नहीं यहाँ चेरा।
आशाओं के गुलशन में अब,
कुण्ठाओं ने डाला डेरा।।

22 टिप्‍पणियां:

  1. vaah ..bahut khoob likha hai.kabhi na kabhi sooraj is tam se baahar niklega.

    उत्तर देंहटाएं
  2. तितली-मधुमक्खी आती हैं,
    लेकिन हताश हो जाती हैं,
    अब गन्ध नहीं सुमनों में है,
    हरियाली नहीं वनों में है,
    गुरू ज्ञान किसे दें बतलाओ,
    है कोई नहीं यहाँ चेरा।
    आशाओं के गुलशन में अब,
    कुण्ठाओं ने डाला डेरा।।

    बात तो सही है मगर नर हो ना निराश मन मे ………क्योंकि अन्धियारे की कोख से ही रौशनी क जन्म होता है।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत खूब ,
    लेकिन कुंठाओं को दूर भागना है, आशा ही जीवन है.

    उत्तर देंहटाएं
  4. वर्तमान परिदृश्य पर गहन चिंतन.चिंतन से राह भी निकलेगी.

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुंदर प्रभावी रचना ,......

    उत्तर देंहटाएं
  6. आशाओं के गुलशन में अब,
    कुण्ठाओं ने डाला डेरा।
    ये कुंठा अच्छे से अच्छी प्रतिभा को खा जाती है.
    सुन्दर अभिव्यक्ति.

    उत्तर देंहटाएं
  7. दुनिया में सब कुछ माया है,मन में कोरा छल-कपट भरा,भाई-चारे में प्यार मरा,मर्यादाओं के उपवन में,आवारा भँवरों का फेरा।आशाओं के गुलशन में अब,कुण्ठाओं ने डाला डेरा।।

    Bahut khoob !

    उत्तर देंहटाएं
  8. कल १७-१२-२०११ को आपकी कोई पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  9. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

    उत्तर देंहटाएं
  10. वाह ...बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत सुंदर प्रभावी रचना ,......

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  12. behad achhi kavita ...........yakeenan kunthayen jivan ki abhishapta kar deti haen

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत सुंदर...इन कुंठाओं से निकलना भी तो ज़रूरी है..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  14. अर्थ पूर्ण सांगीतिक रचना .प्रश्न पूछती .

    उत्तर देंहटाएं

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