"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

शुक्रवार, 6 नवंबर 2009

"अनदेखे परमेश्वर से वो कैसे प्यार करेंगा?" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



घर के बडे़-बुजुर्गों से जो प्यार नही कर सकता,
अनदेखे परमेश्वर से वो कैसे प्यार करेगा?
जो सैनिक काँधे पर खुद हथियार नही धर सकता,
वह सीमा पर शत्रु का कैसे संहार करेगा?


विद्या से विनम्रता आती,
विनय पात्रता सिखलाती,
भोजन की थाली पाकर जो उदर नही भर सकता,
लालन-पालन वो कैसे पूरा परिवार करेगा?
अनदेखे परमेश्वर से वो कैसे प्यार करेंगा?


श्रेष्ठ वही है जो पढ़ता है,
ज्ञान बाँटने से बढ़ता है,
अभिमानी विद्वान भला कैसे उद्धार करेगा?
अनदेखे परमेश्वर से वो कैसे प्यार करेंगा?


धन पा जाना बहुत सुलभ है,
सज्जन बनपाना दुर्लभ है,
मूरख विद्या देवी की कैसे मनुहार करेगा?
अनदेखे परमेश्वर से वो कैसे प्यार करेंगा?


13 टिप्‍पणियां:

  1. घर के बडे़-बुजुर्गों से जो प्यार नही कर सकता,
    अनदेखे परमेश्वर से वो कैसे प्यार करेग

    सुन्दर शास्त्री जी बहुत सुन्दर !!!

    उत्तर देंहटाएं
  2. घर के बडे़-बुजुर्गों से जो प्यार नही कर सकता,
    अनदेखे परमेश्वर से वो कैसे प्यार करेगा?

    in panktiyon ne dil ko chhoo liya hai........

    bahut hi sunder rachna........

    उत्तर देंहटाएं
  3. जिस घर में बड़े-बुज़ुर्गों का सम्मान नहीं.
    वो घर भूतों के डेरे से कम नहीं...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर रचना, आभार आपका.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  5. अनदेखे परमेश्‍वर से वो कैसे प्‍यार करेगा? शास्‍त्री जी परमेश्‍वर से तो दो बात के लिए प्‍यार किया जाता है एक की हम मांगते हैं और वो देता है दूसरा वो हमारा बुरा भी करता है। लेकिन माता-पिता तो बुरा कर नहीं सकते और यदि गरीब हैं तो कुछ दे भी नहीं सकते फिर उनसे प्‍यार क्‍यों करना? विचारणीय पोस्‍ट, बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बुजुर्ग बुजुर्ग नहीं कवच हैं हमारे।
    बेहतर भाव लिये भावपूर्ण अभिव्यक्ति ।
    आभार ।

    उत्तर देंहटाएं
  7. धन पा जाना बहुत सुलभ है,

    सज्जन बनपाना दुर्लभ है,

    मूरख विद्या देवी की कैसे मनुहार करेगा?

    अनदेखे परमेश्वर से वो कैसे प्यार करेंगा?

    लाख टके की बात कह दी, शास्त्री जी आपने !

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत बढ़िया रचना लिखा है आपने! अच्छा लगा!

    उत्तर देंहटाएं
  9. धन पा जाना बहुत सुलभ है,
    सज्जन बनपाना दुर्लभ है,
    ----------
    अनुभूत सत्य।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बुजुर्गों का करते जो सम्मान नहीं,
    होते वे हैवान हैं, इंसान नहीं।

    उत्तर देंहटाएं
  11. bahut bahut bahut hi sundar aur gyan vardhak rachna......kis kis pankti ki tarif karoon...........har pankti ek nayi sikh deti huyi...........badhayi.

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails