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शुक्रवार, 20 नवंबर 2009

"अनुशासन, दूर-दृष्टि और पक्का-इरादा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

!! शत्-शत् प्रणाम !!


कमला और जवाहर के घर,
       दुर्गा ने अवतार लिया।
गांधी जी से प्रेरित होकर,
खद्दर तन पे धार लिया।।
नेहरू जी ने बिटिया रानी 
को "इन्दु" उपनाम दिया।
"प्रियदर्शिनी इन्दिरा नेहरू"
माता जी ने नाम दिया।।
वीर जवाहर की बिटिया का,
बचपन बहुत निराला था।
क्रान्तिकारियों की सेवा में,
इनका मन मतवाला था।।
शासन और सत्ता पाई तो,
 ऐसा कठिन समय आया।
पाक पड़ोसी ने दल-बल से,
हमला हम पर करवाया।।
दुर्गारूप धरा इन्दिरा ने,
तोपों का मुँह खोल दिया।
करुणा की भोली सूरत ने,
धावा अरि पर बोल दिया।।
किया पराजित रण-भूमि में,
मन्सूबे रह गये धरे।
बंगला देश बनाकर,
दुश्मन को सन्ताप दिये गहरे।।
इन्दिरा जी के जन्म-दिवस पर,
हम लेते हैं संकल्प सभी।
अनुशासन और दूरदृष्टि से,
विमुख न होंगे कदम कभी।।







लोकतन्त्र की बलिवेदी पर,
इन्दिरा ने बलिदान दिया।
महायज्ञ की आहुति बनकर,
अपना जीवन दान दिया।। 

18 टिप्‍पणियां:

  1. सभी मैनपुरी वासीयों की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को शत शत नमन !

    उत्तर देंहटाएं
  2. इंदिरा गांधी को शुरुआती दिनों में उनके विरोधी मोम की गुड़िया कहते थे...लेकिन वो ये भूल जाते हैं कि इंदिरा जब छोटी सी बच्ची थीं तो अंग्रेजी सामान के बहिष्कार के आह्वान के तहत उन्होंने अपनी सबसे प्रिय विदेशी गुड़िया को आग के हवाले कर दिया था...ये संयोग ही है कि देश में ज़्यादार बड़े और निर्णायक फैसले इंदिरा के काल में ही लिए गए...एक आपातकाल ज़रूर इंदिरा के यशस्वी करियर पर ग्रहण के समान है...दाग तो चांद पर भी होता है न...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही बेहतरीन शब्‍द रचना, आभार ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बधाई, अखबार के चित्र में आप एकदम नेता जैसे ही दिख रहे है शाश्त्री जी !

    उत्तर देंहटाएं
  5. भूल सुधार : आजकल के जैसे नेता नहीं पुराने वाले नेता !:)

    उत्तर देंहटाएं
  6. महेश जोशी, पूर्व-संगठन मन्त्री, उत्तराखण्ड काँग्रेस20 नवंबर 2009 को 2:49 pm

    आदरणीय शास्त्री जी!
    आपका व्लॉग देखकर बड़ी प्रसन्नता हुई!
    स्व.इन्दिरा जी को श्रद्धाञ्जलि समर्पित करता हूँ!

    उत्तर देंहटाएं
  7. bahut hi sundar likha aur sahi kah rahe hain godiyal ji ki aap neta jaise lag rahe hain .

    उत्तर देंहटाएं
  8. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को शत शत नमन ! लेकिन अंत मै इंदिरा जी ने कुछ गलत फ़ेसले कर दिये थे.... लेकिन आज के नेतओ को सुधारने के लिये ऎसी ही फ़ोलादी दिल वाली नेता चाहिये कोई कल्र्क बाबू नही जो मिन मिनाये

    उत्तर देंहटाएं
  9. शास्त्री जी मेरा कमेन्ट छपा नहीं कहाँ गया?

    उत्तर देंहटाएं
  10. प्रियदर्शिनी इन्दिरा नेहरू को स्मरण करते हुए यादों के चिराग ख़ूबसूरती से जलाए हैं। अद्भुत प्रवाह लिए रचना दिलचस्प में विवरण।
    शत्-शत् प्रणाम

    उत्तर देंहटाएं
  11. भारत की पूर्व एकमात्र महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी जी को मेरा शत शत नमन और श्रधांजलि! बहुत ही सुंदर रचना है और साथ में अख़बार में आपका तस्वीर देखकर बड़ा अच्छा लगा! शानदार प्रस्तुती!

    उत्तर देंहटाएं
  12. " bahut hi acchi post "

    ----- eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  13. पाक पड़ोसी ने दल-बल से,
    हमला हम पर करवाया।।
    दुर्गारूप धरा इन्दिरा ने,
    तोपों का मुँह खोल दिया।
    करुणा की भोली सूरत ने,
    धावा अरि पर बोल दिया।।
    किया पराजित रण-भूमि में,
    मन्सूबे रह गये धरे।
    प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को नमन और श्रधांजलि!

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत ही उत्कृष्ट रचना है. इंदिरा गाँधी जी को शत शत नमन.
    ..............बधाई

    उत्तर देंहटाएं

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