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गुरुवार, 26 नवंबर 2009

"कोटि-कोटि नमन!" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


ऐ शहीदों तुम्हें कोटि-कोटि नमन,
प्राण देकर बचाया तुम्हीं ने चमन।

देश-रक्षा की खातिर जो ली थी कसम,
कारगिल हो या पंजाब या हो असम,
तुमने लौटा दिया वादियों का अमन।
ऐ शहीदो तुम्हें कोटि-कोटि नमन।।

वीरता से लड़े, धीरता से लड़े,
तुम समर में सदा आगे-आगे बढ़े,
मातृ-भू पर निछावर किया जान-औ-तन।
ऐ शहीदों तुम्हें कोटि-कोटि नमन।।

धन्य माता हुई, धन्य है यह धरा,
हो गया वो अमर, जो वतन पर मरा,
हैं समर्पित तुम्हें, वाटिका के सुमन।
ऐ शहीदों तुम्हें कोटि-कोटि नमन।।

10 टिप्‍पणियां:

  1. शहीदों को कोटि-कोटि नमन.

    उत्तर देंहटाएं
  2. भारत माता के उन अमर सपूतों को सादर नमन है...

    उत्तर देंहटाएं
  3. अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन.
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुन्दर कविता वीरो को समर्पित ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. शहीदों को कोटि-कोटि नमन.

    ----- eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  6. वीरता से लड़े, धीरता से लड़े,
    तुम समर में सदा आगे-आगे बढ़े,
    मातृ-भू पर निछावर किया जान-औ-तन।
    ऐ शहीदों तुम्हें कोटि-कोटि नमन।।

    उत्तर देंहटाएं
  7. धन्य माता हुई, धन्य है यह धरा,
    हो गया वो अमर, जो वतन पर मरा,
    हैं समर्पित तुम्हें, वाटिका के सुमन।
    ऐ शहीदों तुम्हें कोटि-कोटि नमन।।
    अमर शहीदों को मेरा शत शत नमन !

    उत्तर देंहटाएं
  8. धन्य माता हुई, धन्य है यह धरा,हो गया वो अमर, जो वतन पर मरा,हैं समर्पित तुम्हें, वाटिका के सुमन।ऐ शहीदों तुम्हें कोटि-कोटि नमन।।

    अमर सपूतों को सादर नमन

    उत्तर देंहटाएं

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