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सोमवार, 23 नवंबर 2009

"तुकबन्दी हो ही गई" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

स्वाइन-फ्लू का प्रकोप तो नगर में है ही,
आज दिन में 2 बजे से तेज बुखार भी चढ़ आया।


अब कुछ ठीक अनुभव कर रहा हूँ तो 


ये तुकबन्दी हो ही गई!


तुम मनुहार दिखाओगे तो जाना मुश्किल हो जायेगा।
मेरा प्यार भुलाना साथी, तुमको मुश्किल हो जायेगा।।


जब-जब मुझको ज्वर आया, तुम हिले नही सिरहाने से,
बेटे दायें-बाये बैठे , हटे नही समझाने से,
जब आयेगा दूत उठाने, उसको मुश्किल हो जायेगा।
मेरा प्यार भुलाना साथी, तुमको मुश्किल हो जायेगा।।


माता और पिता जी चिन्तित, पोता-पोती चिन्ता में,
सभी प्रार्थनारत बैठे हैं, मन है जगत नियन्ता में,
जन्नत -सुख से बहलाना, यम को मुश्किल हो जायेगा।
मेरा प्यार भुलाना साथी, तुमको मुश्किल हो जायेगा।।


संगी-साथी नगर-ग्राम के, बारी-बारी से आये,
बिना बुलाए टीम साथ में, चिकित्सकों की ले आये,
स्नेह-सिक्त परिवार देखकर, जा्ना मुश्किल हो जायेगा।
मेरा प्यार भुलाना साथी, तुमको मुश्किल हो जायेगा।।

14 टिप्‍पणियां:

  1. ऐसे गीत आप न ही लिक्खें, आंसू छुपाना मुश्किल हो जाएगा।

    उत्तर देंहटाएं
  2. संगी-साथी नगर-ग्राम के, बारी-बारी से आये,
    बिना बुलाए टीम साथ में, चिकित्सकों की ले आये,
    स्नेह-सिक्त परिवार देखकर, जा्ना मुश्किल हो जायेगा।
    मेरा प्यार भुलाना साथी, तुमको मुश्किल हो जायेगा।

    in panktiyon ko padh kar aansoo aa gaye....

    ab aapki tabiyat kaisi hai????

    उत्तर देंहटाएं
  3. अजी क्यो हमारा दिल दुखाते हो, हमारा आना जाना भी इस ब्लांग पै मुश्किल हो जायेगा....

    उत्तर देंहटाएं
  4. yahi pyaar apno ka apko
    thik hone par majboor kar jayega.
    get well soon pl.

    उत्तर देंहटाएं
  5. जवाब नही शास्त्री जी..बातों ही बातों में खूबसूरत रचना रच डाली..धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  6. 'आपकी अब तक की सबसे बेकार रचना !!'
    यह भी कोई बात हुयी भला......
    अपना ख्याल रखिये और यह सब मत सोचा कीजिये |
    आपका प्यार तो वैसे भी हम कभी न भूला पायेगे .....
    वादा करे आप यह सब दोबारा नहीं लिखेगे !
    हद कर दी आपने......... एक जरा से बुखार के मारे आप क्या क्या कह गए ??
    आपकी लेखनी के हर रंग को हमने पसंद किया पर यह ज़रा भी न पसंद आया !

    अगर कोई बात बुरी लगी हो तो माफ़ करें पर अपने आप को रोक नहीं पा रहा हूँ दिल की बात कहने से !

    उत्तर देंहटाएं
  7. मेरा प्यार भुलाना साथी, तुमको मुश्किल हो जायेगा।।

    -सत्यम, शिवम, सुन्दरम!!

    उत्तर देंहटाएं
  8. जीवन की यही सच्चाई भी है शास्त्री जी, सुन्दर भाव !

    उत्तर देंहटाएं
  9. जब-जब मुझको ज्वर आया, तुम हिले नही सिरहाने से,
    बेटे दायें-बाये बैठे , हटे नही समझाने से,
    जब आयेगा दूत उठाने, उसको मुश्किल हो जायेगा।
    मेरा प्यार भुलाना साथी, तुमको मुश्किल हो जायेगा।.

    भगवान् आपको लम्बी उम्र दे शाश्त्री जी .......... बहुत अच्छी रचना है ..... ये तुकबंदी नहीं है .......... जल्दी ठीक हों और नयी नई रचनाएँ लिखें ........

    उत्तर देंहटाएं
  10. shastri ji bhagwan aapko lambi umra de..........aur aise geet na likha karein , aansoo aa gaye aur dil bhi dukha..........jaldi thik ho jaiye aur khoob geet likhiye.

    उत्तर देंहटाएं
  11. बीमारी मे ये हाल है शास्त्री जी,ठीक-ठाक रहेंगे तो क्या कहर बरपा देंगे।मनोज कुमार जी क्या कह रहें,उनपर भी ध्यान दीजिये।तबियत का खयाल रखिये शास्त्री जी,आप ज़ल्द पूर्णतयाः स्वस्थ हो,ईश्वर से यही प्रार्थना है।

    उत्तर देंहटाएं
  12. 'आपका ऐसा हाल देखकर,मैं भी आनेवाला हूं
    साथ में अपने सौ दो सौ ,ब्लागर भी लानेवाला हूं।
    मंहगाई की इस बेला में,चाय पिलाना पड़ जायेगा॥’


    आपकी रचना अच्छी लगी तो मैने भी तुक्का लगा दिया, गुस्ताखी माफ़। आप शीघ्र स्वस्थ हों ,कामना करता हूं

    उत्तर देंहटाएं
  13. आपने इतनी खूबसूरती से लिखा है पढ़कर ऐसा लगा जैसे आमने सामने बैठकर बात कर रहे हैं! बहुत खूब! आपका जवाब नहीं! हमेशा स्वस्थ रहिये यही प्रार्थना है मेरी इश्वर से!

    उत्तर देंहटाएं

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