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बुधवार, 23 दिसंबर 2009

"450वाँ पुष्प" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

मित्रों!
बाल-गीत के रूप में 450वाँ पुष्प
आप सबको समर्पित कर रहा हूँ!

प्राण-वायु को देने वाले.
जन-जीवन के हैं रखवाले।
धरती का श्रंगार सजाना,
नये-नये कुछ पेड़ लगाना।।

खट्टे-मीठे, रंग-रँगीले,
फल देते ये बहुत रसीले।
आँगन-बागों की शोभा हैं,
हरे-भरे हैं पेड़ सजीले।।

उपवन में हँसते मुस्काते,
सुंमन हमारे मन को भाते।
वातावरण सुगन्धित करते,
ये सबको पुलकित कर जाते।।

कलियों, फूलों पर मँडराते,
अपना अभिनव राग सुनाते।
सुन्दर पंखों वाली तितली,
भँवरे गुन-गुन करते आते,
(सभी चित्र गूगल सर्च से साभार)

22 टिप्‍पणियां:

  1. 450 पोस्ट के लिए शुभकामनाएं, जल्दी ही हम 500पर मि्लेंगे,
    बाल गीत के लिए आभार

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  2. सुंदर व संदेशपरक पोस्ट...450 पोस्ट के लिए शुभकामनाएं....

    उत्तर देंहटाएं
  3. मनभावन कविता बार बार गुनगुनाने का मन होता है साथ ही साथ एक सुंदर संदेश देती हुई...बढ़िया कविता..बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  4. साढ़े चार शतक के लिए बहुत बहुत बधाई...निरंतर यह क्रम बढ़ता रहे और आपकी कविता इसी तरह लोगों के दिल जीतती रहे..

    उत्तर देंहटाएं
  5. चार सौ पचासवीं रचना पर बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह.... फूल क्या... आपने तो पुरी फुलवारी ही लगाई है. मनभावन प्रस्तुति ! बधाई और शुभकामनाएं कि आप शीघ्र ही अपना पञ्च-सैय्या भी पूरा करें !!

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत ही अच्छी कविता सुन्दर चित्रों के साथ.

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत ही बढिया कविता सुन्दर चित्रों के साथ.

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुंदर बालगीत के साथ आपने 450 वीं पोस्‍ट पूरी की .. बहुत बहुत बधाई .. 500 वीं पोस्‍ट के लिए शुभकामनाएं !!

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुंदर बाल कविता, ओर बहुत सुंदर चित्र भी, आप को ४५० वी पोस्ट की बहुत बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  11. खूबसूरत फूलों से सजी प्रविष्टि के लिए बहुत आभार ,बधाई व शुभकामनायें ...!!

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  12. 450 vi post ke liye hardik badhayi...........phoolon ki tasveer ke sath bahut hi sundar rachna.........ab 500 vi post ka intzaar hai.

    उत्तर देंहटाएं
  13. ४५० बेहतरीन पोस्ट लेखन की बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  14. सुंदर बाल कविता,बहुत बहुत बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  15. बहुत बधाई और शुभकामनाएं शाश्त्री जी.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  16. बधाई हो जी। बच्चों के लिये ऐसे ही गीतों की आवश्यकता है।

    उत्तर देंहटाएं
  17. बाल गीत के द्वारा ४५०वा पुष्प सचमुच मे अद्वितीय है . आपकी उर्जा को प्रणाम .

    उत्तर देंहटाएं

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