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मंगलवार, 2 अक्तूबर 2012

"लड़ी स्वदेशी जंग" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')



दो अक्तूबर को किया, भारत को आबाद।
बापू जी ने देश को, करवाया आजाद।।

लालबहादुर ने दिया, वीरों को सम्मान।
जय हो उस श्रमवीर की, जिसका नाम किसान।।

सत्य-अहिंसा शस्त्र से, लड़ी स्वदेशी जंग।
देशभक्ति की वतन में, जाग्रत करी उमंग।।

लेकिन मेरे देश में, अफरा-तफरी आज।
गांधी के आदर्श को, भूला आज समाज।।

है जननायक राष्ट्र का, नमन करो स्वीकार।
फिर आओ इस देश में, बन करके अवतार।।

12 टिप्‍पणियां:

  1. उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवार के चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  2. सत्य-अहिंसा शस्त्र से, लड़ी स्वदेशी जंग।
    देशभक्ति की वतन में, जाग्रत करी उमंग।।,,,,

    गाँधी जी के जन्मदिवस पर बहुत बढ़िया प्रस्तुति,,,,

    RECECNT POST: हम देख न सके,,,

    उत्तर देंहटाएं
  3. शुक्रिया भाई जान!प्रणाम !वीरुभाई .


    है जननायक राष्ट्र का, नमन करो स्वीकार।
    फिर आओ इस देश में, बन करके अवतार।।....इस दोहे की ध्वनी भाई साहब यह कहती है

    हे, जननायक ! राष्ट्र का, नमन करो स्वीकार।
    फिर आओ इस देश में, बन करके अवतार।।

    बहुत ही मौजू प्रस्तुति .


    लेकिन मेरे देश में, अफरा-तफरी आज।
    गांधी के आदर्श को, भूला आज समाज।।
    दुरावस्था यह है कि गांधी का नाम ओढ़े लोग ही देश को लजा रहे हैं .

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर !
    गाँधी शास्त्री को
    फिर से उतार लाना है
    दो अक्टूबर ही नहीं
    पूरा साल बैठाना है
    भटकते हुऎ देश को
    रास्ता अमन का
    एक बार और
    याद दिलाना है !

    उत्तर देंहटाएं
  5. फिर आओ इस देश में जन्म लेकर एक बार ...
    महान विभूतियों को नमन !

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुंदर !दोनों विभूतियों को शत शत नमन..

    उत्तर देंहटाएं
  7. देश के लिए अपना जीवन दाँव पर जिसने लगाया.. हर उस महान हस्ती को मेरा शत शत नमन !
    ~सादर !

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर..
    दोनों ही आदर्शो को शत -शत नमन..
    :-)

    उत्तर देंहटाएं

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