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शनिवार, 6 अक्तूबर 2012

"अपने को बरगद मत मानो" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


अपनी सीमा को पहचानो।
अपने को बरगद मत मानो।।

जहाँ उजाला होता पहले,
वहाँ कुटिल मत कदम बढ़ाओ।
जिसने ज्ञान दिया दुनिया को,
उसको मत तुम पाठ पढ़ाओ।
नाहक बैर न मन में ठानो।
अपने को बरगद मत मानो।।

चक्रव्यूह में नहीं फँसेंगे,
हम देहाती सीधे-सादे।
काले अँग्रेजों के सारे,
हम कर देंगे विफल इरादे।
जनता की ताकत को जानो।
अपने को बरगद मत मानो।।

फसल उगायें हम मेहनत से,
दाम लगायेंगे परदेशी।
पावन वसुन्धरा पर आकर,
लाभ कमायेंगे परदेशी।
ख़ाक यहाँ की मत तुम छानो।
अपने को बरगद मत मानो।।

माँ का दूध पिया है हमने,
तुम बोतल पर पलने वाले।
नहीं सामने टिक पायेंगे,
बैसाखी पर चलने वाले।
मत कमान को हमपर तानो।
अपने को बरगद मत मानो।।

17 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. दुष्ट अपने को बरगद की श्रेणी में रखने लगे हैं-

    बरगद गदगद-गिरा सुन, लता लगाय लताड़ |
    धरती सारी घेरता, देता घर को फाड़ |
    देता घर को फाड़, ख़तम सब छोटे पौधे |
    करता सीमा पार, छेकता औंधे औंधे |
    हो बेहद उद्दंड, हुई जाती हद बेहद |
    शुद्ध वायु की बात, अन्यथा काटूँ बरगद ||

    उत्तर देंहटाएं
  3. गहन विचार युक्त अभिव्यक्ति |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  4. सार्थक और गंभीर रचना, प्रहार करती हुई।

    उत्तर देंहटाएं
  5. सही बात....अपने को बरगद मत मानो

    उत्तर देंहटाएं
  6. क्या कहने, बहुत सुंदर रचना
    बस बात वहां तक पहुंच जाए

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत ही जोरदार, समसामयिक और सशक्त गीत का सृजन हुआ है। कृपया हमारी बधाई स्वीकार करें।

    उत्तर देंहटाएं
  8. माँ का दूध पिया है हमने,
    तुम बोतल पर पलने वाले।
    नहीं सामने टिक पायेंगे,
    बैसाखी पर चलने वाले।
    मत कमान को हमपर तानो।
    अपने को बरगद मत मानो।।

    बहुत सशक्त रचना है खुले बाज़ार से सीधा संवाद करती हुई .बधाई .हमें और हमारी "चील की गुजरात उड़ान" को चर्चा मंच पर बिठाने के लिए आपका हृदय से आभार .

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह...
    नाहक बैर न मन में ठानो।
    अपने को बरगद मत मानो।।
    बहुत सुन्दर बात...

    सादर
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  10. सुंदर और सार्थक कहा आपने ...
    बधाई आपको ..

    उत्तर देंहटाएं
  11. acha likha hai guru jee lekin main FDI ke virodh mein nahee hoon....mehngaai kamm hogi aur kisaano ko seedha faayda milegaa....Dr. Manmohan Singh ne pehle bhee aarthik sudhaar kiye hain jiske parinaam swaroop aak desh mein kitne logo ke paas rozgaar hai!

    उत्तर देंहटाएं

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