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रविवार, 3 अक्तूबर 2010

“आज आकाश तारों भरा-डॉ.चन्द्र शेखर जोशी” (प्रस्तोता-डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

csjoshi डॉ. चन्द्र शेखर जोशी
M.B.B.S., M.D.
आप खटीमा नगर में
अपनी स्वर्गीया माता जी के नाम से
एक विशाल चिकित्सा संस्थान 
“जमुना मेमोरियल अस्पताल”
चला रहे हैं।
(आप खटीमा (उत्तराखण्ड) की
वह छिपी हुई जाज्वल्यमान साहित्यिक प्रतिभा हैं।
जिनकी ख्याति अब तक 
केवल उनकी डायरी तक ही रही है!
      आज मैं उनकी इस रचना से 
आपका परिचय
जाल-जगत को करा रहा हूँ।)
आज आकाश तारों भरा
आज आकाश तारों भरा।
मौन होकर निहारे धरा।।

असंख्य अलौकिक दीप आतुर,
दमकने दो ज्योति जरा।
मौन होकर निहारे धरा।।

एकाकी सप्तर्षि ने मुस्करा कर,
आज किसका मन हरा।
मौन होकर निहारे धरा।।

छितरी-बिखरी सी आकाश गंगा,
फैलाए आँचल जुगनुओं भरा।
मौन होकर निहारे धरा।।

बृहद्-विशाल, यह मायाज़ाल,
मन है हर्षित, कदाचित् डरा।
मौन होकर निहारे धरा।।

मृत्यु रचती सदा जिन्दगी,
है नमन मात्र आदर भरा।
मौन होकर निहारे धरा।।

16 टिप्‍पणियां:

  1. डाक्टर साहेब की साहित्य प्रतिभा को नमन सुंदर रचना बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपका आभार ...डॉक्टर जोशी का स्वागत ...पसंद आई कविता ....

    उत्तर देंहटाएं
  3. काव्य लगा हमें बहुत भला,
    और तनिक तनिक, मन को खला,
    की ऐसा चिंतन, सौम्य, निर्मला,
    कैसे करे कोई भला ?

    जोशी जी को बहुत बहुत साधुवाद ....

    उत्तर देंहटाएं
  4. डाक्टर साहब की इस कविता को पढवाने के लिये आपका बहुत आभार.

    रामराम

    उत्तर देंहटाएं
  5. "मृत्यु रचती सदा जिन्दगी "
    जैसी पंक्ति चन्द्रशेखर जोशी जैसा चिकित्सक कवि ही लिख सकता है । बधाई जोशी जी को ।

    उत्तर देंहटाएं
  6. अभिनव रचना ..............

    बहुत सुन्दर !

    उत्तर देंहटाएं
  7. तारों भरा आकाश किसे नहीं अच्छा लगता? जोशी जी की इस सुंदर रचना को पढवाने का आभार।
    ................
    …ब्लॉग चर्चा में आप सादर आमंत्रित हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुन्दर रचना पढवाने के लिए आभार ...

    डा० चन्द्र शेखर जी को बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  9. * डा० चंद्रशेखर जोशी की कविता निश्चित रूप से एक अच्छी कविता है। इस संभावनाशील कवि के कर्म और मर्म से परिचित होना सुखद है। डाक्साब की कुछ और कवितायें पढ़ा सकते हैं क्या?

    * बढ़िया पोस्टा!

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुन्दर लिखा है .डॉ. जोशी की रचना पढवाने का आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  11. very nice poem, I like it very much;hope I will get more poems like this from Sir.

    Robin Tiwari
    Sahara City Homes - Ahmedabad

    उत्तर देंहटाएं
  12. bahut sundar rachna.............
    kabhi meri bhi rachna ko apne blog mi jagah dijiye.
    pls pls pls pls

    उत्तर देंहटाएं

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