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शनिवार, 16 अक्तूबर 2010

“..बादल भी छँट जायेंगे!” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

flower-rose-leaves-plants-thronsएकता से बढाओ मिलाकर कदम,
रास्ते हँसते-हँसते ही कट जायेंगे।
सूर्य की रश्मियों के प्रबल ताप से,
बदलियाँ और बादल भी छँट जायेंगे।

पथ है काँटों भरा, लक्ष्य भी दूर है,
किन्तु मन में लगन जिसके भरपूर है,
होशियारी से आगे बढ़ाना कदम,
फासले सारे पल भर में घट जायेंगे।

भेद और भाव मन में न लाना कभी,
रब की सन्तान ही हैं सभी आदमी,
बात करना तसल्ली से मिल-बैठकर,
प्यार से सारे मसले निबट जायेंगे।

फूल रखता नही शूल से दूरियाँ,
साथ रहना है दोनों की मजबूरियाँ,
खार रक्षा करे, गुल लुटाये महक,
सारे सन्ताप खुद ही तो हट जायेंगे।
(चित्र गूगल इमेज से साभार)

18 टिप्‍पणियां:

  1. फूल रखता नही शूल से दूरियाँ,
    साथ रहना है दोनों की मजबूरियाँ,
    खार रक्षा करे, गुल लुटाये महक,
    सारे सन्ताप खुद ही तो हट जायेंगे।

    यही तो सच है……………।बेहद खूबसूरत प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सही कहा शास्त्री जी आपने कि एकता से कदम मिलाकर बढाने से सफ़र आसान हो जाता है। शेख सादी का कहना था,
    “अगर चिड़ियां एका कर लें तो शेर की खाल खींच सकती हैं।”

    उत्तर देंहटाएं
  3. एक और सीधी-सादी बिना लाग-लपेट के बात करती सुंदर रचना. आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  4. बात करना तसल्ली से मिल-बैठकर,
    प्यार से सारे मसले निबट जायेंगे।
    यही बात तो समझनी है मयंक जी बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं
  5. एकता का सन्देश देती एक खूबसूरत रचना.

    उत्तर देंहटाएं
  6. साथ और समभाव की प्रेरणा देती पंक्तियाँ....

    उत्तर देंहटाएं
  7. जरुर एक दिन एकता से कदम मिलायेगे सब आप का सपना जरुर पुरा होगा.

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सही कहा है आपने
    सुन्दर रचना

    कभी यहाँ भी आये
    www.deepti09sharma.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  9. सुन्दर कविता. विजयादशमी की सुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  10. खार रक्षा करे, गुल लुटाये महक,
    सारे सन्ताप खुद ही तो हट जायेंगे।
    सुविचार .. सुन्दर सन्देश देती रचना.

    उत्तर देंहटाएं
  11. उत्साह का अपरिमित संचार करती कविता।

    उत्तर देंहटाएं
  12. baadal bhi chat jaayenge...bahut sunder aashavadi bhaavo ki sunder prastuti.

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत सुन्दर चित्र और कविता । पर्व की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  14. बात करना तसल्ली से मिल-बैठकर,
    प्यार से सारे मसले निबट जायेंगे।

    sahi baat hai!

    उत्तर देंहटाएं

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