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बुधवार, 27 अक्तूबर 2010

"मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी आराधना!" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

कर रही हूँ प्रभू से यही प्रार्थना।
जिन्दगी भर सलामत रहो साजना।।

चन्द्रमा की कला की तरह तुम बढ़ो,
उन्नति की सदा सीढ़ियाँ तुम चढ़ो,
आपकी सहचरी की यही कामना।
जिन्दगी भर सलामत रहो साजना।।

आभा-शोभा तुम्हारी दमकती रहे,
मेरे माथे पे बिन्दिया चमकती रहे,
मुझपे रखना पिया प्यार की भावना।
जिन्दगी भर सलामत रहो साजना।।

तीर्थ और व्रत सभी हैं तुम्हारे लिए,
चाँद-करवा का पूजन तुम्हारे लिए,
मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी आराधना।
जिन्दगी भर सलामत रहो साजना।।

17 टिप्‍पणियां:

  1. करवाचौथ पर बहुत ही सुन्दर और मनभावन रचना।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत प्यारा गीत रचा आपने ....आभार .

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही सुंदर लगा चित्र, ओर गीत उस से भी सुंदर, धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर प्रार्थना... गीत के रूप में ..... आभार

    उत्तर देंहटाएं
  5. आभा-शोभा तुम्हारी दमकती रहे,
    मेरे माथे पे बिन्दिया चमकती रहे,
    मुझपे रखना पिया प्यार की भावना।
    जिन्दगी भर सलामत रहो साजना।।

    ....

    A beautiful creation, full of love and affection.

    .

    उत्तर देंहटाएं
  6. भावनापूर्ण कविता.......
    और सुंदर प्रस्तुति....



    “दीपक बाबा की बक बक”
    प्यार आजकल........ Love Today.

    उत्तर देंहटाएं
  7. दिवस विशेष पर उम्दा रचना.

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत भाव पूर्ण रचना |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत ही सुन्‍दर शब्‍द रचना ।

    उत्तर देंहटाएं

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