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रविवार, 19 अगस्त 2012

"ईद मुबारक़" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


ईद का चाँद आया है।
नया पैगाम लाया है।।

ख़ुदा ने नेमतें बख्शी,
हुई मन्नत सभी पूरी,
सिंवय्यों का मधुर तोहफा,
खुशी से आज खाया है।

कभी होली, कभी क्रिसमस,
मनाओ ईद-दीवाली,
खुदा ने एकता के वास्ते,
ये दिन दिखाया है।

हमेशा नेक बन्दों से,
विधाता प्यार करता है,
दिलों में इसलिए उसने,
मुहब्बत को बनाया है।

मिला उसको यहीं जन्नत,
वहाँ क्या भरोसा है?
मदद के वास्ते जिसने,
यहाँ पर धन कमाया है।

मुबारक ईद पर सबको,
मुबारकवाद देता हूँ,
गरीबों ने-अमीरों ने,
खुशी का राग गाया है।
ईद का चाँद आया है।
नया पैगाम लाया है।।

17 टिप्‍पणियां:

  1. हमेशा नेक बन्दों से,
    विधाता प्यार करता है,
    दिलों में इसलिए उसने,
    मुहब्बत को बनाया है।

    वाह बहुत ही सुन्दर लयबद्ध रचना दिल को छू गयी

    उत्तर देंहटाएं
  2. देखो ईद का चाँद दोस्तों...कितनी मुबारक़ सौगातें लाया है...
    ईद मुबारक़ !!!:-)
    ~सादर !

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर..ईद मुबारक़ !!

    उत्तर देंहटाएं
  4. मधुमेह से होते ग्रसित, कि नेह का मीठा कमा है |
    दूध में कर दी मिलावट, दाम से होता दमा है |

    जोश पहले सा नहीं है, बर्फ रिश्तों पर जमा है |
    बात है क्या बंधुवर जो, आज बुझती सी शमां है |

    एक महिने की तपस्या, रमजान में रहता रमा है |
    आपसी रिश्ते मुहब्बत, देश क्यूँ दिखता थमा है ??

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. ईद मुबारक बंधुवर, होवे दुआ क़ुबूल ।
      प्यारे हिन्दुस्तान में, बैठे उडती धूल ।
      बैठे उडती धूल, आंधियां अब थम जावें ।
      द्वेष ईर्ष्या भूल, लोग न भगें-भगावें ।
      झंझट होवे ख़त्म, ख़तम हों टंटा -कारक ।
      दुनिया के सब जीव, सभी को ईद मुबारक ।

      हटाएं
  5. ईद मुबारक सभी को,ये पावन त्यौहार
    गले मिलते सभी से,सीखे यह व्योहार,,,,,

    RECENT POST ...: जिला अनुपपुर अपना,,,

    उत्तर देंहटाएं
  6. हमेशा नेक बन्दों से,
    विधाता प्यार करता है,
    दिलों में इसलिए उसने,
    मुहब्बत को बनाया है।
    ईद मुबारक !माशुका की दीद मुबारक ,

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत अच्छी कविता लिखी है ईद पर्व पर इस शुभ दिवस पर सभी के लिए शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  8. मिला उसको यहीं जन्नत,
    वहाँ क्या भरोसा है?
    मदद के वास्ते जिसने,
    यहाँ पर धन कमाया है।

    ईद की बहुत बहुत मुबारकबाद...बेहतरीन रचना...

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर..
    ईद की सबको मुबारकबाद!

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुंदर !

    कभी होली, कभी क्रिसमस,
    मनाओ ईद-दीवाली,
    खुदा ने एकता के वास्ते,
    ये दिन दिखाया है।

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

    उत्तर देंहटाएं
  12. वाह! बेहद खुबसूरत ग़ज़ल है शास्त्री जी...

    ईद की ढेरों मुबारकबाद क़ुबूल फरमाइए!

    उत्तर देंहटाएं

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