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बुधवार, 22 अगस्त 2012

"भोजन सदा खिलाना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

IMG_1523
रबड़ प्लाण्ट का वृक्ष लगा है,
मेरे घर के आगे!
पत्ते खाने बकरे-बकरी,
आये भागे-भागे!
 
हुए बहुत मायूस, धरा पर
पत्ता कोई न पाया!
इन्हे उदास देखकर मैंने,
अपना हाथ बढ़ाया!!

झटपट पत्ता तोड़ पेड़ से,
हाथों में लहराया!
इन भोले-भाले जीवों का,
मन था अब ललचाया!!
 IMG_1515
आँखों में आशा लेकर,
सब मेरे पास चले आये!
उचक-उचककर बड़े चाव से
सबने पत्ते खाये!!

दुनिया के जीवों का,
यदि तुम प्यार चाहते पाना!
भूखों को सच्चे मन से
तुम भोजन सदा खिलाना!!
अब इस बाल-कविता को सुनिए-
अर्चना चावजी के स्वर में-


20 टिप्‍पणियां:

  1. अहं वैश्वानरो भूत्वा प्राणिनां देहमाश्रितः

    परमात्मा भूख के रूप में सभी प्राणियों में विराजमान है.

    भूखे प्राणियों को भोजन कराना परमात्मा की साक्षात पूजा ही है.

    सुन्दर प्रेरक प्रस्तुति के लिए आभार,शास्त्री जी.

    अर्चना चाव जी की मधुर वाणी कानों में मिश्री सी घोल देती है.

    आभार,अर्चना जी.

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर प्यारी प्रस्तुति अर्चना जी की मधुर आवाज में और भी अच्छी लगी आप दोनों को बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  3. हरे हरे पत्ते खिला, हरे राम हो जाय ।

    बकरे की माँ रोज ही, बैठी खैर मनाय ।

    बैठी खैर मनाय, बढे हैं मांसाहारी ।

    तनातनी विद्वेष, हर तरफ मारामारी ।

    कत्लगाह सौ खोल, ताल ठोके है सत्ता ।

    रखे छुपाकर पान, ट्रम्प का काला पत्ता ।।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत लाजवाब बाल रचना है ...
    नमस्कार शास्त्री जी ....

    उत्तर देंहटाएं
  5. bahut sundar!.....apne kritya ko chitro aur kavita ke madhym se kya khoob dikhaya hai!.........

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह, प्यारी घटना, प्यारी कविता...

    उत्तर देंहटाएं
  7. भूखों को सच्चे मन से
    तुम भोजन सदा खिलाना,,,

    सार्थक पंक्तिया,,सुंदर बाल गीत,,,,
    RECENT POST ....: प्यार का सपना,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर कविता और तस्वीरें भी...

    सादर
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  9. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत ही सुंदर बालगीत, मधुर कविता पाठ। सुंदर प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत खूब !
    भोजन वही खिला पायेगा
    जो पेड़ कहीं एक लगायेगा
    दोनो काम करेगा जो भी
    पर्यावरण भी बचायेगा !

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपकी पोस्ट कल 23/8/2012 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें

    चर्चा - 980 :चर्चाकार-दिलबाग विर्क

    उत्तर देंहटाएं
  13. very good thoughts.....
    मेरे ब्लॉग

    जीवन विचार
    पर आपका हार्दिक स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  14. पशु प्रेम से ,प्रकृति पर्यावरण प्रेम से संसिक्त बाल कविता ,उतनी ही सरल वाचिकी .कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    बृहस्पतिवार, 23 अगस्त 2012
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle

    उत्तर देंहटाएं

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