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बुधवार, 8 अगस्त 2012

"विचार साफ-सुथरे हों" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


(1)
बेटे-बेटी में करो, समता का व्यवहार।
बेटी ही संसार की, होती सिरजनहार।।
होती सिरजनहार, स्रजन को सदा सँवारा।
जिसने ममता को उर में, जीवन भर धारा।।
कह 'मयंक' दामन में, कँटक रही समेटे।
बेटी माता बनकर, जनती बेटी-बेटे।।

(2)
हरे-भरे हों पेड़ सब, छाया दें घनघोर।
उपवन में हँसते सुमन, सबको करें विभोर।।
सबको करें विभोर, प्रदूषण हर लेते हैं।
कंकड़-पत्थर खाकर, मीठे फल देते हैं।।
कह 'मयंक' आचरण, विचार साफ-सुथरे हों।
उपवन के सारे, पादप नित हरे-भरे हों।।

16 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सार्थक ..बेटा बेटी में समानता ज़रूरी है और जीवन में सदाचार महत्वपूर्ण है ..
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. सही बात है |
    बेटे बेटी में भेद क्यूँ ??

    उत्तर देंहटाएं
  3. अच्छे संदेश देती रचना !
    ~सादर!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बच्चे नये पौधों की तरह ही होते हैं..सुन्दर कविता..

    उत्तर देंहटाएं
  5. अच्छे सन्देश देती सुन्दर रचना..
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  6. बेटे-बेटी में करो, समता का व्यवहार।
    बेटी ही संसार की, होती सिरजनहार।।

    प्रेरक सन्देश देती सुंदर कुण्डलियाँ,,,,
    RECENT POST...: जिन्दगी,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपकी पोस्ट कल 9/8/2012 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें

    चर्चा - 966 :चर्चाकार-दिलबाग विर्क

    उत्तर देंहटाएं
  8. अनुपम शिक्षाप्रद प्रस्तुति.
    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    शास्त्री जी,समय मिलने पर मेरे ब्लॉग पर आकर
    'फालोअर्स और ब्लोगिंग'के सम्बन्ध में मेरा मार्ग दर्शन कीजियेगा,

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह !

    बेटी हो या बेटा हो
    उपवन के सारे,
    पादप नित हरे-भरे हों।।

    उत्तर देंहटाएं
  10. औरतों के लिए भी है काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा प्रणाली महाकाल के हाथ पे गुल होतें हैं पेड़ ,सुषमा तीनों लोक की कुल होतें हैं पेड़ पेड़ों की मानिंद तीनों लोक की सुषमा होतीं हैं बेटियाँ -
    औरतों के लिए भी है काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा प्रणाली
    पेड़ों की मानिंद तीनों लोक की सुषमा होतीं हैं बेटियाँ -

    उत्तर देंहटाएं
  11. अनुपम भाव संयोजित किये हैं इस अभिव्‍यक्ति में आपने ... आभार

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत सुन्दर ,सार्थक ,सन्देश परक कुंडलियाँ जन्माष्टमी की आपको व् सम्पूर्ण परिवार को बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  13. बेटे-बेटी में करो, समता का व्यवहार।बेटी ही संसार की होती सिरजनहार।।
    अच्छे सन्देश देती सुन्दर रचना.. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ....

    उत्तर देंहटाएं

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