सपनों की कसक
कब पूरे होंगे वो सपने।
जब समझेंगे हमको अपने।।
निद्रा की अवस्थाएँ
होती हैं-सुप्तावस्था, स्वप्नावस्था, अर्द्धसुप्तावस्था आदि। जब प्राणी स्वप्नावस्था में होता है तो
सुख-दुख, भय-आतंक, देवदर्शन और वीरता के सपने आते हैं। इनमें अधिकांश वो होते हैं
जिनका सम्बन्ध दिनचर्चा की बीती हुई घटनाओं से होता है।
प्रायः देखा यह
जाता है कि सारे सपने याद नहीं रह पाते हैं। लेकिन कुछ याद रह जाते हैं।
बचपन में मैंने भी
एक स्वप्न देखा था। उसी को मैं पाठकों के साथ साझा कर रहा हूँ।
मैं शुरू से ही गोल-मटोल और सुडौल था और उन दिनों महात्मा गांधी
हाईस्कूल, नजीबाबाद में कक्षा आठ में पढ़ता था।
अय्यूब एक मरियल सा घमण्डी लड़का था। वो किसी दूसरे स्कूल से आया था और मेरी कक्षा
में उसे एडमिशन दिया गया था। अपने घमण्डी स्वभाव के कारण वो कक्षा के सभी लड़कों
से मारपीट करने पर उतारू हो जाता था। एक दिन वो मुझसे भी भिड़ गया। मैं उससे तगड़ा
होकर भी इस बात से डर गया था कि क्लास के किसी भी सहपाठी ने उससे लड़ने की हिम्मत
नहीं की थी। मेरे और अय्यूब के मध्य कुछ देर तो वाक्-युद्ध होता रहा लेकिन फिर
हाथापाई की नौबत आ गई। लेकिन तभी इण्टरवल समाप्त होने की घण्टी बज गई, अध्यापक कक्षाओं की ओर जाने लगे तो बात यहीं खत्म हो गई।
रात को जब मैं सोया तो वही दिन भर का घटनाक्रम और मार-पीट के सपने
आने लगे। तभी मैंने देखा कि एक दैत्याकार व्यक्ति सड़कों पर घूमकर अपना आतंक मचाने
लगा। समझदार लोग तो उससे बचकर अपने काम के लिए निकल जाते थे। कुछ लोग ऐसे थे जो
उसके सामने पड़ जाते थे। जिन्हें वो धुन देता था।
बहुत देर तक यही क्रम चलता रहा। तभी एक मरियल सा आदमी वहाँ से
गुजरने लगा। उसकी भी इस दुष्ट ने पिटाई लगा दी।
मैं इस दैत्याकार
व्यक्ति की गतिविधियाँ बहुत ध्यान से देख रहा था। जिसमें यह दुष्ट सबसे पहले सामने
वाले पर ऐसा प्रहार करता था कि वो गिर जाता था और दुबारा मुकाबला करने से डर जाता
था।
अचानक ही मुझे काफी जोश आ गया और मैं जैसे ही इस दैत्याकार व्यक्ति
के सामने पहुँचा तो मैंने झट से उस पर ऐसा प्रहार किया कि वो जमीन पर गिर गया। फिर
तो मैं उसकी छाती पर बैठ गया और जम कर उसकी धुनाई लगा दी। वो अब मुझसे माफी माँग
रहा था और लोग मेरे साहस की प्रशंसा कर रहे थे। तभी मेरी आँख खुल गई।
अगले दिन मैं विद्यालय गया घंटी लगने में 15-20 मिनट बकाया थे।
अय्यूब मुझसे पहले से ही स्कूल आ गया था। वो कल की खुन्नस निकालने के लिए बहुत
उतावला था। मेरे विद्यालय के प्रांगण में पहुँचते ही मुझसे भिड़ गया। मगर मुझे रात
का सपना पूरी तरह से याद था। मैं उससे तगड़ा तो था ही, अतः मैंने उस पर पहला वार ही ऐसा किया कि वो जमीन पर गिर पड़ा और
मैं उसकी छाती पर बैठ गया। अब डरने की बारी अय्यूब की थी। वो मुझसे माफी माँगने
लगा और मैंने उसे छोड़ दिया। इसके बाद किसी भी सहपाठी से अय्यूब ने झगड़ा नहीं
किया।
नींद की REM STAGE (RAPID EYE MOVEMENT) में खाब आते हैं .यह वह अवस्था है जब हम गहन निद्रा में होतें हैं .पुतलियाँ तेज़ दौड़ रही होतीं हैं .कभी देखिए बच्चों को सोते हुए .यह डेढ़ घंटे का चक्र होता है .ख़्वाब प्राय :इसी चक्र के दौरान आतें हैं .उलझी हुई गुत्थियों को सुलझाते हैं खाब .अप्राप्य को प्राप्य बना हमारी वासनाओं का शमन कर के चले जाते हैं .दिन में इसीलिए ख़्वाब नहीं आते अकसर क्योंकि ९० मिनिट के इस चक्र से पहले ही हम उठ जातें हैं .दिन में इतना कहां सोते हैं .
जवाब देंहटाएंबढ़िया विश्लेषण ख़्वाबों का ..
ram ram bhai
मुखपृष्ठ
मंगलवार, 9 अक्तूबर 2012
प्रौद्योगिकी का सेहत के मामलों में बढ़ता दखल (समापन किस्त )
नींद की REM STAGE (RAPID EYE MOVEMENT) में खाब आते हैं .यह वह अवस्था है जब हम गहन निद्रा में होतें हैं .पुतलियाँ तेज़ दौड़ रही होतीं हैं .कभी देखिए बच्चों को सोते हुए .यह डेढ़ घंटे का चक्र होता है .ख़्वाब प्राय :इसी चक्र के दौरान आतें हैं .उलझी हुई गुत्थियों को सुलझाते हैं खाब .अप्राप्य को प्राप्य बना हमारी वासनाओं का शमन कर के चले जाते हैं .दिन में इसीलिए ख़्वाब नहीं आते अकसर क्योंकि ९० मिनिट के इस चक्र से पहले ही हम उठ जातें हैं .दिन में इतना कहां सोते हैं .
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प्रौद्योगिकी का सेहत के मामलों में बढ़ता दखल (समापन किस्त )
नींद की REM STAGE (RAPID EYE MOVEMENT) में खाब आते हैं .यह वह अवस्था है जब हम गहन निद्रा में होतें हैं .पुतलियाँ तेज़ दौड़ रही होतीं हैं .कभी देखिए बच्चों को सोते हुए .यह डेढ़ घंटे का चक्र होता है .ख़्वाब प्राय :इसी चक्र के दौरान आतें हैं .उलझी हुई गुत्थियों को सुलझाते हैं खाब .अप्राप्य को प्राप्य बना हमारी वासनाओं का शमन कर के चले जाते हैं .दिन में इसीलिए ख़्वाब नहीं आते अकसर क्योंकि ९० मिनिट के इस चक्र से पहले ही हम उठ जातें हैं .दिन में इतना कहां सोते हैं .
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प्रौद्योगिकी का सेहत के मामलों में बढ़ता दखल (समापन किस्त )
नींद की REM STAGE (RAPID EYE MOVEMENT) में खाब आते हैं .यह वह अवस्था है जब हम गहन निद्रा में होतें हैं .पुतलियाँ तेज़ दौड़ रही होतीं हैं .कभी देखिए बच्चों को सोते हुए .यह डेढ़ घंटे का चक्र होता है .ख़्वाब प्राय :इसी चक्र के दौरान आतें हैं .उलझी हुई गुत्थियों को सुलझाते हैं खाब .अप्राप्य को प्राप्य बना हमारी वासनाओं का शमन कर के चले जाते हैं .दिन में इसीलिए ख़्वाब नहीं आते अकसर क्योंकि ९० मिनिट के इस चक्र से पहले ही हम उठ जातें हैं .दिन में इतना कहां सोते हैं .
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प्रौद्योगिकी का सेहत के मामलों में बढ़ता दखल (समापन किस्त )
खा बेटा कित्ती टिपण्णी खायेगा .पेट से ज्यादा तो खा नहीं सकता .
जवाब देंहटाएंनींद की REM STAGE (RAPID EYE MOVEMENT) में खाब आते हैं .यह वह अवस्था है जब हम गहन निद्रा में होतें हैं .पुतलियाँ तेज़ दौड़ रही होतीं हैं .कभी देखिए बच्चों को सोते हुए .यह डेढ़ घंटे का चक्र होता है .ख़्वाब प्राय :इसी चक्र के दौरान आतें हैं .उलझी हुई गुत्थियों को सुलझाते हैं खाब .अप्राप्य को प्राप्य बना हमारी वासनाओं का शमन कर के चले जाते हैं .दिन में इसीलिए ख़्वाब नहीं आते अकसर क्योंकि ९० मिनिट के इस चक्र से पहले ही हम उठ जातें हैं .दिन में इतना कहां सोते हैं .
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प्रौद्योगिकी का सेहत के मामलों में बढ़ता दखल (समापन किस्त )
कई बार हम ख्वाब के बारे में सोचते रह जाते हैं कि इसका क्या अर्थ है....पर आपने अपने सपने का सही विश्लेषन किया और डर पर काबू भी पाया.....बढ़िया..
जवाब देंहटाएंसपने पथ प्रदर्शक बन जाते हैं।
जवाब देंहटाएंबढ़िया प्रस्तुति कभी कभी सपने भी मार्गदर्शन देते हैं|
जवाब देंहटाएंजब तक सपने ना हों, तो रास्ता भी नहीं होगा।
जवाब देंहटाएंबढ़िया.....
जवाब देंहटाएंसपनों में कई राज़ छुपे होते हैं......
खुद से मुलाकात हो जाती है सपनों में...
सादर
अनु
उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवार के चर्चा मंच पर ।।
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंकभी कभी सपने भी हकीकत में बदल जाते है ....अपने डर पर काबू पाना ही तो असली जीत है
जवाब देंहटाएंजो डर गया समझो मर गया,,,,,
जवाब देंहटाएंRECENT POST: तेरी फितरत के लोग,
डरके आगे जीत है
जवाब देंहटाएंबलशाली से हर कोई बच कर रहना चाहता है।
जवाब देंहटाएंहर बार शक्तिशाली ही जीतता है |सपने भी कभी कभी कुछ धटित होने की सूचना देते हैं |
जवाब देंहटाएंआशा
सपनों की दुनिया ... बहुत ही अच्छा लिखा है
जवाब देंहटाएंdreams are the reflection of your actions!
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