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शनिवार, 10 अप्रैल 2010

“कब तक दुहराओगे” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

मेरे नीरस गानों को तुम कब तक यों ही  गाओगे!
टूटे-फूटे छंदों को तुम कब तक यों  दुहराओगे!!

सपनों सागर में गोते खाना इतना ठीक नहीं,
कब तक खारे पानी से अपने मन को भरमाओगे!
टूटे-फूटे छन्दों को तुम कब तक यों  दुहराओगे!!

सूरज की ऊर्मियाँ सँवारी तुमने नही करीने से,
पसरी है पश्चिम में, कैसे इनको वापिस लाओगे!
टूटे-फूटे छन्दों को तुम कब तक यों  दुहराओगे!!

तितलीं, भँवरे, मधुमक्खी का वीराने में काम नही,
कागज के फूलों से कब तक अपना दिल बहलाओगे!
टूटे-फूटे छन्दों को तुम कब तक यों  दुहराओगे!  

11 टिप्‍पणियां:

  1. सपनों सागर में गोते खाना इतना ठीक नहीं,
    कब तक खारे पानी से अपने मन को भरमाओगे!
    बहुत सुन्दर गीत है शास्त्री जी. बधाई.
    एक अनुरोध आदरणीय सुमन जी से, कि आप अपना टिप्पणी देने का अन्दाज़ बदल दें प्लीज़....हर जगह केवल "Nice" से काम नहीं चलता. कुछ दारुण-करुण मुद्दों पर भी पोस्ट होती हैं, जहां ’ nice" की ज़रूरत नहीं होती. उम्मीद है, मेरी बात को अन्यथा नहीं लेंगे.

    उत्तर देंहटाएं
  2. मेरे नीरस गानों को तुम कब तक यों ही गाओगे!
    टूटे-फूटे छंदों को तुम कब तक यों दुहराओगे!!

    सपनों सागर में गोते खाना इतना ठीक नहीं,
    कब तक खारे पानी से अपने मन को भरमाओगे!
    टूटे-फूटे छन्दों को तुम कब तक यों दुहराओगे!!

    kya baat kahi di aapne bahut hi badhiya .."

    " eksunder post ke liye badhai "

    ----- eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  3. तितलीं, भँवरे, मधुमक्खी का वीराने में काम नही,
    कागज के फूलों से कब तक अपना दिल बहलाओगे!
    बहुत सुन्दर गीत
    सटीक

    उत्तर देंहटाएं
  4. सूरज की ऊर्मियाँ सँवारी तुमने नही करीने से,
    पसरी है पश्चिम में, कैसे इनको वापिस लाओगे!
    टूटे-फूटे छन्दों को तुम कब तक यों दुहराओगे!!

    बहुत ख़ूबसूरत और लाजवाब गीत! मेरा नाम भी आ गया क्या बात है! बहुत अच्छी लगी!

    उत्तर देंहटाएं
  5. एक नयी दिशा देती हुई सार्थक रचना...

    उत्तर देंहटाएं
  6. जब तक अच्छे लगेंगे...तब तक....और क्या....भले ये आपके गीत हों मगर एक बार यहाँ आने के पश्चात् आपसे ज्यादा हमारी अमानत है .....है कि नहीं ....आपका काम है लिखना...लिखिए ना....हमारा काम है गाना...गायेंगे.....और क्या....??

    उत्तर देंहटाएं
  7. शानदार, लाजवाब अति उत्तम गीत्।

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत अच्छी प्रस्तुति
    bahut khub

    http://kavyawani.blogspot.com/

    shekhar kumawat

    उत्तर देंहटाएं

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