"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

शनिवार, 3 मार्च 2012

"दोहे-होली का त्यौहार-1250वीं पोस्ट" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


अब पछुआ चलने लगी, सर्दी गयी सिधार।
कुछ दिन में आ जाएगा, होली का त्यौहार।१।

सारा उपवन महकता, चहक रहा मधुमास।
होली का होने लगा, जन-जन को आभास।२।

अंगारा बनकर खिला, वन में वृक्ष पलाश।
रंग, गुलाल-अबीर की, आने लगी सुवास।३।

गेहूँ पर हैं बालियाँ, कुन्दन सा है रूप।
बादल-कुहरा छँट गया, खिली-खिली है धूप।४।

अम्मा मठरी बेलती, सजनी तलती जाय।
सजना इनको प्यार से, चटकारे ले खाय।५।  

25 टिप्‍पणियां:

  1. शास्त्री जी की पोस्ट है, पाठक बेहद ख़ास ।
    क्रम-संख्या सुनिए जरा, बारह सौ पच्चास ।

    बारह सौ पच्चास, गुरु है बारहबानी ।
    बारहमासी रास, नहीं है कोई सानी ।

    लगा चुके हैं आप, आज पच्चीस पचासा ।
    इन्तजार है पाक, करें हम सौ की आशा ।।

    उत्तर देंहटाएं
  2. भूले सब सब शिकवे गिले,भूले सभी मलाल
    होली पर हम सब मिले खेले खूब गुलाल,
    खेले खूब गुलाल, रंग की हो बरसातें
    नफरत को बिसराय, प्यार की दे सौगाते,

    बहुत अच्छे लगे होली दोहे,...

    NEW POST...फिर से आई होली...

    उत्तर देंहटाएं
  3. 1250 वी पोस्ट एवं होली की हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  4. होली है होलो हुलस, हाजिर हफ्ता-हाट ।
    चर्चित चर्चा-मंच पर, रविकर जोहे बाट ।

    charchamanch.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  5. अब तो गर्मी आ गयी लग रही है.. बस होली का इन्तजार है..

    उत्तर देंहटाएं
  6. इसको पढ़ कर मैं वाह-वाह कर उठा।

    उत्तर देंहटाएं
  7. Waah..dekhte -dekhte aek vrsh nikal gaya ...1250 vi post ke liae or holi ki shubhkamnaae ...

    उत्तर देंहटाएं
  8. 1250वीं पोस्ट!!!!!
    आपका योगदान लाजवाब है सर...

    बहुत सुन्दर रचना..
    होली की शुभकामनाएँ आपको एवं परिवारजनों को....
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुंदर दोहे .....होली की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  10. अम्मा मठरी बेलती, सजनी तलती जाय।
    सजना इनको प्यार से, चटकारे ले खाय।५।
    रंगों की बरजोरी है बुरा न मानो होली है ,दिल वालो की मतवालों की टोली है ...होली मुबारक .

    उत्तर देंहटाएं
  11. गुजिया ,कांजी ,मठरी और सुहाली
    आई प्यार के रंगों की होरी मतवाली
    १२५० वी पोस्ट के लिए बधाई..
    kalamdaan.blogspot.in

    उत्तर देंहटाएं
  12. सारा उपवन महकता, चहक रहा मधुमास।
    होली का होने लगा, जन-जन को आभास।२।

    अबीर-गुलाल के साथ होली की शुभकामनायें....

    उत्तर देंहटाएं
  13. १२५० वी पोस्ट की बधाई !
    होली की शुभकामनाएँ !

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत सुन्दर और मस्त दोहे
    ----होली की शुभ कामनाए----

    उत्तर देंहटाएं
  15. डाक्टर साहब होली की तैयारी जोरों पर चल रही है...लगता है...भाभी जी के बनाये...पकवानों का आनंद उठाया जा रहा है...होली की अग्रिम शुभकामनाएं...

    उत्तर देंहटाएं
  16. आपकी पोस्ट ब्लोगर्स मीट वीकली (३३) में शामिल की गई है /आप आइये और अपने विचारों से अवगत करिए /आपका स्नेह और आशीर्वाद इस मंच को हमेशा मिलता रहे यही कामना है /आभार /
    इसका लिंक है
    http://hbfint.blogspot.in/2012/03/33-happy-holi.html

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails