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बुधवार, 28 मार्च 2012

"मौसम ने ली है अँगड़ाई" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


पवन बसन्ती लुप्त हो गई,
मौसम ने ली है अँगड़ाई।
गेहूँ की बालियाँ सुखाने,
पछुआ पश्चिम से है आई।।
पर्वत का हिम पिघल रहा है,
निर्झर बनकर मचल रहा है,
जामुन-आम-नीम गदराये,
फिर से बगिया है बौराई।
गेहूँ की बालियाँ सुखाने,
पछुआ पश्चिम से है आई।।
रजनी में चन्दा दमका है,
पूरब में सूरज चमका है,
फुदक-फुदककर शाखाओं पर,
कोयलिया ने तान सुनाई।
गेहूँ की बालियाँ सुखाने,
पछुआ पश्चिम से है आई।।
वन-उपवन की शान निराली,
चारों ओर विछी हरियाली,
हँसते-गाते सुमन चमन में,
भँवरों ने गुंजार मचाई।
गेहूँ की बालियाँ सुखाने,
पछुआ पश्चिम से है आई।।
सरसों का है रूप सलोना,
कितना सुन्दर बिछा बिछौना,
मधुमक्खी पराग लेने को,
खिलते गुंचों पर मँडराई।
गेहूँ की बालियाँ सुखाने,
पछुआ पश्चिम से है आई।।

19 टिप्‍पणियां:

  1. बदलते मौसम का बहुत सुन्दर वर्णन....सुन्दर तस्वीरों के साथ....

    उत्तर देंहटाएं
  2. mausam badal jaye ...par aapki abhivyakti sunder hi rahegi ...!!
    shubhkamnayen ..!

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर शास्त्री जी...
    मनभावन...

    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  4. वाह !! बढ़िया प्रकृति चित्रण ।।

    पके कनक की बालियाँ

    मधुप चूस मकरंद ।

    सरसों सोहे साथ में

    फलते आम जामुन नीम

    बढ़िया छंद ।।

    उत्तर देंहटाएं
  5. जामुन-आम-नीम गदराये,
    फिर से बगिया है बौराई।
    गेहूँ की बालियाँ सुखाने,
    पछुआ पश्चिम से है आई।।

    बहुत सुन्दर, शास्त्री जी !

    उत्तर देंहटाएं
  6. बदले मौसम का बहुत सही से चित्रण

    उत्तर देंहटाएं
  7. जामुन-आम-नीम गदराये,
    फिर से बगिया है बौराई।
    गेहूँ की बालियाँ सुखाने,
    पछुआ पश्चिम से है आई।।
    शास्त्रीजी बहुत ही सुन्दर रचना

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुंदर अतिसुन्दर अच्छी लगी, बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  9. प्राकृतिक उपालाम्भों को आप बखूबी सहेजते हैं ..

    उत्तर देंहटाएं
  10. प्रकृति नटी श्रृंगार करे और आप निहारें यह यह अच्छी बात नहीं है .अच्छी पोस्ट .प्रकृति का मानवीकरण करती हुई .

    उत्तर देंहटाएं
  11. कुछ दिनों से अपनी उपस्थिति नहीं दे पा रही हूँ ,कंप्यूटर खराब हो गया है ..
    बहुत सुन्दर लिखा है...
    kalamdaan.blogspot.in

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपकी पोस्ट कल 29/3/2012 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    http://charchamanch.blogspot.com
    चर्चा - 833:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

    उत्तर देंहटाएं
  13. प्रकृति का मनोहारी चित्रण... बहुत बढ़िया

    उत्तर देंहटाएं

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