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गुरुवार, 8 मार्च 2012

"स्वीकार करो, मेरा वन्दन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


हे नेताओं! स्वीकार करो, मेरा वन्दन।
युगदृष्टाओं स्वीकार करो, मेरा वन्दन।।

कभी बने तुम पुरुषोत्तम, और कभी बन गये योगिराज,
कभी बने तुम ही गांधी, और कभी बने जनताधिराज,
शत्-शत् तुम्हें प्रणाम, तुम्हारा अभिनन्दन।
युगदृष्टाओं स्वीकार करो, मेरा वन्दन।।

कभी बने ईशूमसीह, और कभी बने सुकरात-मुहम्मद,
कभी बने गुरूनानक तुम, और कभी बने गुरूदेव, दयानन्द,
किया दूर अज्ञान, तुम्हारा अभिनन्दन।
युगदृष्टाओं स्वीकार करो, मेरा वन्दन।।

कभी तो सन्त-कबीर बने, और कभी बन गये तुलसीदास,
कभी बने तुम परमहंस, और दिया विश्व को नव-प्रकाश,
किया विश्व-कल्याण, तुम्हारा अभिनन्दन।
युगदृष्टाओं स्वीकार करो, मेरा वन्दन।।

कभी बने तुम वीर धनुर्धर, और कभी बन गये वीर शिवाजी,
कभी बनें झाँसी की रानी, और कभी दुर्गा, इन्दिरा जी,
हे युग के जीवन-प्राण, तुम्हारा अभिनन्दन।
युगदृष्टाओं स्वीकार करो, मेरा वन्दन।।

26 टिप्‍पणियां:

  1. चले चकल्लस चार-दिन, होली रंग-बहार |
    ढर्रा चर्चा का बदल, बदल गई सरकार ||

    शुक्रवारीय चर्चा मंच पर--
    आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति ||

    charchamanch.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति …………होली की हार्दिक शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  3. bahut sundar rachana rupchandra ji ....
    http://jadibutishop.blogspot.in

    उत्तर देंहटाएं
  4. शास्त्री जी, एक बार फिर नये रंग में.

    उत्तर देंहटाएं
  5. एक बार फिर नये रंग में, शास्त्री जी. धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  6. महापुरुषों को नमन!!
    भाव भरी प्रस्तुति!!

    उत्साह व रंगो के पावन होली पर्व पर असीम शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  7. सब युगदृष्टाओं को सुन्दर नमन..

    उत्तर देंहटाएं
  8. bahut shandaar kavita hai mahapurushon ko naman mahapurushon ke roop me aane vaale prabhu ko naman,bhagvan ko naman.holi ki shubhkamnayen.

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर....
    ईश्वर के हर रूप को नमन...
    शुक्रिया
    सादरं नमन.

    उत्तर देंहटाएं
  10. कभी बने तुम मुलायम , लालू ...
    कभी बने सोनिया चरनन के दास
    नमन करूँ वह जेल शलाका
    जहां विराजित अजमल कसाब
    हे आज के नेताओं नमन है तुमको
    स्वीकार करो तुम मेरी अरदास
    आपको तथा सभी ब्लॉगर बंधुओं को होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  11. वाह बहुत खूब ...सभी महापुरुषों को नमन

    उत्तर देंहटाएं
  12. हे नेताओं! स्वीकार करो, मेरा वन्दन।
    युगदृष्टाओं स्वीकार करो, मेरा वन्दन।।
    नमन इन देव स्वरूपों को ...

    उत्तर देंहटाएं
  13. हे नेताओं! स्वीकार करो, मेरा वन्दन।
    युगदृष्टाओं स्वीकार करो, मेरा वन्दन।।

    जब बने आज वैशाख नंदन ,फिर कैसे हो अर्चन वंदन .

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत सुंदर नए अंदाज की प्रस्तुति,,,,,

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  15. युगदृष्टाओं को वंदन .... पर आज के नेता वंदन करने लायक नहीं ... बहुत अच्छी प्रस्तुति ...होली की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  16. सुन्दर सुरुचिपूर्ण सृजन अभिव्यक्ति को मुखरता प्रदान करता हुआ ओजपूर्ण लगा ..... बधाईयाँ जी /

    उत्तर देंहटाएं
  17. होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं
  18. होली में आपका स्नेह मिला...आभार। सुंदर छंद में आपने महापुरूषों की प्रशंसा की है लेकिन नेता शब्द जोड़ दिया है जिससे इस प्रशंसा में एक शालीन व्यंग्य उभड़ कर आता है। यह बताता है कि हे नेताओं! देखो, वास्तव में नेता कैसा होना चाहिए।

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  19. युगदृष्टाओं स्वीकार करो, मेरा वन्दन।।bahot achchi lagi aapki ye kavita.

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  20. ओजपूर्ण रचना.....होली की शुभकामनायें

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  21. वास्तविक नेता तो यही थे !
    होली की बहुत शुभकामनायें !

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  22. अलग ही अंदाज की रचना सर...
    होली कि सादर शुभकामनाएं...

    उत्तर देंहटाएं
  23. सुन्दर कविता..मनोरम झांकी प्रस्तुत करती रचना..

    उत्तर देंहटाएं

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