"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

शुक्रवार, 23 मार्च 2012

"साढ़े तीन साल के बालक द्वारा तबला वादन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


नवसम्वतसर सभी का, करे अमंगल दूर।
देश-वेश-परिवेश में, खुशियाँ हों भरपूर।१।

बाधाएँ सब दूर हों, हो आपस में मेल।
मन के उपवन में सदा, बढ़े प्रेम की बेल।२।

एक मंच पर बैठकर, करें विचार विमर्श।
अपने प्यारे देश का, कैसे हो उत्कर्ष।३।

मर्यादा के साथ में, खूब मनाएँ हर्ष।
बालक,वृद्ध-जवान को, मंगलमय हो वर्ष।४।

मित्रों!
   आज नवसम्वतसर के अवसर पर संस्कार भारती के तत्वावधान में एक कविगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता समाजसेवी रमेशचन्द्र अग्रवाल ने की! 
गोष्ठी में माँ शारदा के चित्र पर दीप प्रज्ज्वन भी किया गया।
 
गोष्ठी का शुभारम्भ श्री नृसिंह कुँवर जी ने सरस्वती वन्दना से किया। जिसमें तबले पर संगत उनके साढ़े तीन वर्षीय पुत्र ललित (लक्की) ने की। 

इस अवसर पर गिरीश चन्द्र जी द्वारा 
कूर्मांचलि गीत प्रस्तुत किया गया!
 
इसके बाद नानकमत्ता से पधारे
अवनीश मिश्र जी ने 
अपने ओजस्वी मुक्त प्रस्तुत किये।
रूमानियत के शायर 
गुरुसहाय भटनागर बदनाम जी ने
अपनी गज़लों से समा बाँध दिया!
स्थानीय आश्रम पद्धति विद्यालय में अध्यापन कर रहे
श्री शिव भगवान मिश्र ने कबीरदास की एक साखी का
सस्वर पाठ किया!
उर्दू अदब के उस्ताद शायर
हामिद हुसैन "हामिद" ने 
अपनी एक गज़ल का पाठ किया!
इस अवसर पर डॉ, राजकिशोर सक्सेना ने
अपने कुछ दोहे और कविताओं का पाठ किया।
इसके बाद  डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" (मेरा)
का भी नम्बर आया।
मैंने भी इस अवसर पर 
नव सम्वत्सर के उपलक्ष्य में
मैंने 4 दोहे और एक गीत प्रस्तुत किया।
 
खटीमा के हास्य-व्यंग्य के कवि
गेन्दालाल शर्मा "निर्जन" ने
कुछ अच्छे व्यंग्य प्रस्तुत किये।
खटीमा के युवा शायर
शहजादा अबसार अहमद सिद्दीकी ने
इस अवसर पर अपने मुक्तकों से समा बाँध दिया।
थारू राजकीय इ.कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य
श्री उदय प्रताप सिंह जी ने
नवसम्वत्सर के इतिहास पर प्रकाश डाला।
 
कार्यक्रम का सफल संचालन
संस्कार भारती के सम्भाग प्रमुख
डॉ.गंगाधर राय ने किया।
गोष्ठी में श्रोताओं ने भी सहभागिता की।
 

 मित्रों!
यह पोस्ट लिखने का मेरा जो उद्देश्य था, उसे तो मैंने लिखा ही नहीं। अब मेरे उद्देश्य को भी समझ लीजिए!
गोष्ठी में मेरे लिए सबसे आश्चर्यजनक और कोतूहल की बात यह रही कि इसमें साढ़े तीन साल का बालक लक्की तबला बजा रहा था। मैं इस बालक के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ!

इस बालक की विशेषता रह रही कि गोष्ठी अपराह्न 3-30 बजे शुरू हुई और 5-30 पर समाप्त हुई। इस दो घण्टे की अवधि में यह बालक शान्त भाव से बैठा रहा और वक्ताओं की बातों को बहुत ध्यान से सुनता रहा।

इस बालक के पिता हैं हमारे खटीमा से ही सटे गाँव कंजाबाग के निवासी श्री नर सिंह कुँवर जी!
        नर सिंह कुँवर जी की विशेषता यह है कि यह बाँसुरी के साथ-साथ सभी साज बजा लेते हैं। तबले और ढोलक पर तो इनकी संगत देखने योग्य होती है।

18 टिप्‍पणियां:

  1. बालक के उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनायें.

    उत्तर देंहटाएं
  2. अच्छी रिपोर्ट
    लक्की के उज्ज्वल भविष्य की कामना है

    उत्तर देंहटाएं
  3. नवसम्वतसर की शुभकामनायें .... अच्छी रिपोर्ट

    नन्हें बालक को बधाई और शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  4. तबले की थप-थप हुई, तुमुल ताल तब्दील ।
    कीर्ति-पताका उड़ चली, गई सैकड़ों मील ।


    गई सैकड़ों मील, ढील नर सिंह न देना ।
    माटी कोमल गील, ढाल चाहे जस लेना ।

    रविकर का आशीष, पाय मंजिल सब अगले ।
    बने नागरिक श्रेष्ठ, ध्यान देता रह तब ले ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बालक के उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनायें....नवसम्वतसर की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  6. नन्हें लक्की को उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनायें.

    उत्तर देंहटाएं
  7. नन्हे बालक को ढेर सारी शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुन्दर सचित्र विवरण के लिये धन्यवाद। नन्हे कलाकार लकी को शुभकामनायें। सपरिवार आपको नव सम्वत्सर, युगादि की बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  9. एक बेहतरीन कलाकार की प्रारम्भिक झलक दिखाने का आभार..

    उत्तर देंहटाएं
  10. अच्छे कार्यक्रम की अच्छी रपट।

    उत्तर देंहटाएं
  11. मनभावन प्रस्तुति , अद्भुत बालक के साथ -साथ आप सबों को शुभकामनाएं..

    उत्तर देंहटाएं
  12. इस ख़ूबसूरत पोस्ट के लिए बधाई स्वीकारें.

    उत्तर देंहटाएं
  13. नन्हें लक्की को उज्ज्वल भविष्य के लिये बहुत-बहुत शुभकामनायें.

    उत्तर देंहटाएं
  14. अंकल लक्की को मेरी ओर से ढेर सारी बधाई | उसकी प्रतिभा देखकर तो मुझे उससे मिलाने का मन कर रहा है...

    उत्तर देंहटाएं
  15. अच्छी रिपोर्ट... प्रतिभाशाली अद्भुत बालक को शुभकामनायें....

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails