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मंगलवार, 13 मार्च 2012

"दोहे-दल-दल में सरकार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


देवभूमि में आ गया, खण्डित जन आदेश।
गुटबन्दी में फँस गया, सत्ता का परिवेश।१।

बिकने को तैयार हैं, प्रत्याशी आजाद।
लोकतन्त्र का हो रहा, रूप यहाँ बरबाद।२।

जोड़-तोड़ होने लगी, खिसक रहा आधार।
जनपथ के आदेश की, हुई करारी हार।३।

चलने से पहले फँसी, दल-दल में सरकार।
दर्जन भर बीमार हैं, लेकिन एक अनार।४।

24 टिप्‍पणियां:

  1. janta kee hai ye pasand janta kee sarkar ,
    mathapachchi kyon karen kyon baithe bekar,
    lage rahenge gar yun hi ham karne apne kam,
    ek din to ho jayega uttam sarkar ka swapn sakar.
    bahut vicharniy prastuti.badhai.

    जवाब देंहटाएं
  2. सत्य कटुक कटु सत्य हो, गुरुवर कहे धड़ाक।

    दल-दल में दलकन बढ़ी, दल-दलपति दस ताक।

    दल-दलपति दस ताक, जमी दलदार मलाई ।

    सभी घुसेड़ें नाक, लगे है पूरी खाई ।

    खाई कुआँ बराय, करो मैया ना खट्टा ।

    बैठे भाजप चील, मार न जांय झपट्टा ।।



    दिनेश की टिप्पणी : आपका लिंक

    dineshkidillagi.blogspot.com

    जवाब देंहटाएं
  3. बढ़िया प्रस्तुति सर...
    आगे आगे देखिये होता क्या है..

    सादर.

    जवाब देंहटाएं
  4. खराब ग्रह-नक्षत्र
    पिट रही भद्द
    यत्र-तत्र-सर्वत्र

    जवाब देंहटाएं
  5. sach bat ....iftada -e- siyasat hi rota hai kya....age age dekhiye hota hai kya

    जवाब देंहटाएं
  6. चलने से पहले फँसी, दल-दल में सरकार।
    दर्जन भर बीमार हैं, लेकिन एक अनार।४।
    मौजू दोहे कोंग्रेस का काला बदन उघाड़ते हुए .आज ही विदित हुआ मम्मीजी दुनिया के रईसों में चौथा स्थान बनाए हुए हैं .बोलो जय मम्मी जी .

    जवाब देंहटाएं
  7. दर्जन भर बीमार हैं, लेकिन एक अनार।
    बढ़िया प्रस्तुति....

    जवाब देंहटाएं
  8. एक दम सटीक दोहे ....
    मुबारक हो !

    जवाब देंहटाएं
  9. देखना है आगे क्या होता है..
    kalamdaan.blogspot.in

    जवाब देंहटाएं
  10. सजी मँच पे चरफरी, चटक स्वाद की चाट |
    चटकारे ले लो तनिक, रविकर जोहे बाट ||

    बुधवारीय चर्चा-मँच
    charchamanch.blogspot.com

    जवाब देंहटाएं
  11. भारत देश में तो ऐसे कितने ही जोड़ तोड़ हुवे हैं ...
    अपने सही शब्दों में बाँधा है इस पीड़ा को ... नमस्कार शास्त्री जी ...

    जवाब देंहटाएं
  12. जोड़-तोड़ होने लगी, खिसक रहा आधार।
    जनपथ के आदेश की, हुई करारी हार।३।

    देवभूमि में डल-दल... क्या बात ... हास्य -व्यंग दोनों

    जवाब देंहटाएं
  13. दर्जन भर बीमार हैं, लेकिन एक अनार।...क्या कहने!...वाह,वाह!

    जवाब देंहटाएं
  14. jod-tod mein hamara koi saani nahi..
    bahut sundar samyik prastuti..

    जवाब देंहटाएं

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