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सोमवार, 7 मई 2012

"उनसे मुलाकात हो गयी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


इक हादसे में उनसे मुलाकात हो गयी।
रोज-रोज मिलने की शुरूआत हो गई।।

देखा उन्हें मगर न कोई बात कर सके,
केवल नजर मिली, नजर में बात हो गयी।
रोज-रोज मिलने की शुरूआत हो गई।।

वो भी थे बेकरार और हम भी थे गरजमन्द,
दोनो के लिए प्रेम की सौगात हो गयी।
रोज-रोज मिलने की शुरूआत हो गई।।

इक दूजे के जज्बात दोनो तोलते रहे,
हम डाल-डाल थे वो पात-पात हो गयी।
रोज-रोज मिलने की शुरूआत हो गई।।

खाई थी खेल में उन्होंने शह हजार बार,
जब अन्त आ गया तो मेरी मात हो गई।
रोज-रोज मिलने की शुरूआत हो गई।।

धूप-छाँव के चले थे सिलसिले बहुत,
मंजिल के बीच में ही तो बरसात हो गई।
रोज-रोज मिलने की शुरूआत हो गई।।

साया तलाशते रहे हम तो तमाम दिन,
केवल इसी उधेड़-बुन में रात हो गई।
रोज-रोज मिलने की शुरूआत हो गई।।

आँखें खुली हसीन ख्वाब टूट गया था,
सूरज चढ़ा हुआ था और प्रात हो गई।
रोज-रोज मिलने की शुरूआत हो गई।।

14 टिप्‍पणियां:

  1. साया तलाशते रहे हम तो तमाम दिन,
    केवल इसी उधेड़-बुन में रात हो गई।
    रोज-रोज मिलने की शुरूआत हो गई।।

    वाह...बहुत अच्छी लाजबाब प्रस्तुति,....
    लीक से हट कर लिखना मुझे अच्छा लगा,.बधाई

    RECENT POST....काव्यान्जलि ...: कभी कभी.....

    उत्तर देंहटाएं
  2. आँखें खुली हसीन ख्वाब टूट गया था,सूरज चढ़ा हुआ था और प्रात हो गई।
    ....वाह!...क्या बात हो गई!

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही अच्छा, मिलने जुलने का क्रम यूँ ही बना रहे।

    उत्तर देंहटाएं
  4. वाह...बहुत अच्छी प्रस्तुति,....

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर गीत शास्त्री जी ...

    उत्तर देंहटाएं
  6. इक रात जिंदगी से मुलाक़ात हो गयी......!!

    उत्तर देंहटाएं
  7. वाह...बहुत अच्छी लाजबाब प्रस्तुति,....

    उत्तर देंहटाएं
  8. अपनी इस सुन्दर रचना की चर्चा मंगलवार ८/५/१२/ को चर्चाकारा राजेश कुमारी द्वारा चर्चा मंच पर देखिये आभार

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह क्या बात है!! आपने बहुत उम्दा लिखा है...बधाई

    इसे भी देखने की जेहमत उठाएं शायद पसन्द आये-
    फिर सर तलाशते हैं वो

    उत्तर देंहटाएं
  10. aapki rachnaao ki mureed ye saari kaaynaat ho gayee!

    meri nayi post pe aapke ashirwaad ka intezaar hai!

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत अच्छे लेख/कविताएं/विचारोत्तेजक निबन्ध आप लाखे आ रहे हैं, मैं आश्चर्य करता हू कि इतना लेखन कार्य आप कब और कैसे कर लेते हैं, साथ ही हम सब की तथा सरकार की खबर भी लेते रहते हैं? साधुवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  12. यह तो सपने की बात हो गई :}
    बढ़िया .........

    उत्तर देंहटाएं

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