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गुरुवार, 31 मई 2012

"रविकर की जलेबियाँ" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


चर्चा मंच सजा रहे, जो होकर अनुरक्त।
ब्लॉगिस्तान बना हुआ, रविकर जी का भक्त।१।
रविकर मिलने आये हैं, उनका है अनुराग।
पावन मम् कुटिया हुई, धन्य हमारे भाग।२।
कविवर मित्र दिनेश का, मिला मुझे है साथ।
रविकर के सिर पर सदा, रवि का मंजुल हाथ।३।

टिप्पणियों में कुण्डली, रच देते तत्काल।
जिससे रचनाकार का, होता हृदय निहाल।४।

असमंजस में हूँ पड़ा, कैसे दूँ सम्मान।
पुष्प-पत्र से आपका, मैं करता हूँ मान।५।
सरिता से साहित्य की, बहती अविरल धार।
कल्याणी माँ शारदे, मन के हरो विकार।६।
मंच आपको दे रहा, प्रेम-प्रीत-उपहार।
जल के छोटे बिन्दु को, करना अंगीकार।७।
नैनो में होकर चले, रविकर साथ सवार।
नानकमत्ता को चले, नानक के दरबार।८।

कूप देखकर दूध का, मन में हर्ष अपार।
नानक जी ने कर दिया, सिख का बेड़ा पार।९।

नानकमत्ता का यही, गुरद्वारा विख्यात।
उड़ते पीपल को यहाँ, दिया गुरू ने हाथ।१०।

सुबह-सुबह ही चल पड़े, वनखण्डी के द्वार।
नयी-नवेली कार में, होकर चले सवार।१२।
शिवजी के दरबार में, भक्तों की थी भीड़।
पुन्नागिरि को जा रहे, हरने अपनी पीड़।१३।
वापिस अब चलने लगे, शिवप्रसाद को पाय।
वनखण्डी के द्वार का, घण्टा दिया बजाय।१४।
 आकर के तलने लगे, जलेबियों के चक्र।
कुछ तो थी सीधी-सरल, कुछ दिखती थीं वक्र।१५।
 

17 टिप्‍पणियां:

  1. वाह ! जितने सुंदर दोहे हैं और उनमें छिपे भाव हैं उतने ही सुंदर चित्र ! विभोर कर देने वाली पोस्ट !

    उत्तर देंहटाएं
  2. सरस जलेबी सी लगी, मीठी सारी बात।
    रविकर जी रचते रहें, छंद भरे सौगात।

    सुंदर छंदात्मक विवरण और चित्र देखकर आनंद आगया सर....
    आपको और रविकर जी को सादर बधाई...

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर, जलेबी देख कर मुह मे पानी आ गया।

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपने और रविकर जी दोनों ने आज तो महफ़िल सजा दी है दोहों की ... आनंद आ गया इन दोहों का भी ..

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर चित्रमय मुलाक़ात
    जिसमे जलेबियों की मिठास.

    उत्तर देंहटाएं
  6. मेरी मुलाकात हो न सकी.. सुन्दर शब्द जलेबी आपकी.. रस और आत्मीयता से भरी

    उत्तर देंहटाएं
  7. Excellent creation ! it's great to see, the two great poets together.

    .

    उत्तर देंहटाएं
  8. जलेबियों सी मिठास लिये .रविकर जी के साथ आत्मीयता भरी सुन्दर चित्रमय यादगार मुलाक़ात,,,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  9. शास्त्री जी आप ही रविकर जी का मुकाबला कविता से कविता में कर सकते हैं।
    अद्भुत जोड़ी!!

    उत्तर देंहटाएं
  10. बाल सुलभ रचना बहुत अच्छी है|

    उत्तर देंहटाएं
  11. मित्रों चर्चा मंच के, देखो पन्ने खोल |
    आओ धक्का मार के, महंगा है पेट्रोल ||
    --
    शुक्रवारीय चर्चा मंच

    उत्तर देंहटाएं
  12. शास्त्री जी बढ़िया प्रस्तुति,सुंदर रचना,,,,,

    RECENT POST ,,,, काव्यान्जलि ,,,, अकेलापन ,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  13. रविकर जी को बधाई:-)
    बहूत बढीया मुलाकात है..
    आपके दोहो से और तस्वीर से पता चल रहा है कि आप कितने खुश है...
    :-) एक मुस्कान मेरी भी...

    उत्तर देंहटाएं
  14. सुन्दर चित्रमयी दोहे.....

    उत्तर देंहटाएं
  15. दो ब्लॉग बादशाहों का मिलन अपूर्व तो होना ही था .चित्रमय रूपक प्रेम का ,ब्लॉग दोस्ती का प्रस्तुत किया आपके कवित्त ने साथ में बोनस के रूप में पर्यटन का मजा मुफ्त में लुटवाया .बधाई शाष्त्री जी जिन रविकर दिया मिलाय ,बधाई रविकर जी जिन शाष्त्री दियो मिलाय .कृपया यहाँ भी पधारें -
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/

    उतनी ही खतरनाक होती हैं इलेक्त्रोनिक सिगरेटें
    ram ram bhai
    बृहस्पतिवार, 31 मई 2012
    शगस डिजीज (Chagas Disease)आखिर है क्या ?
    शगस डिजीज (Chagas Disease)आखिर है क्या ?

    माहिरों ने इस अल्पज्ञात संक्रामक बीमारी को इस छुतहा रोग को जो एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुँच सकता है न्यू एच आई वी एड्स ऑफ़ अमेरिका कह दिया है .

    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं

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