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सोमवार, 21 मई 2012

"शीशे सा नाजुक दिल" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


दिल है शीशे सा नाजुक हमारा प्रिये!
ठेस लगते ही यह तो चटक जायेगा।
प्रीत का खाद-पानी पिलाओ इसे,
प्यार पाते ही यह तो मटक जायेगा।।

फूल सा खिल रहा यह तुम्हारे लिए,
दीप सा जल रहा यह तुम्हारे लिए,
झूठी तारीफ से यह भटक जायेगा।
प्रीत का खाद-पानी पिलाओ इसे,
प्यार पाते ही यह तो मटक जायेगा।।

मन जरूरत से ज्यादा सरल है प्रिये,
दुर्जनों के लिए ये गरल है प्रिये,
नेह के गेह में ये अटक जायेगा।
प्रीत का खाद-पानी पिलाओ इसे,
प्यार पाते ही यह तो मटक जायेगा।।

मस्त रहता भ्रमर पुष्प की गन्ध में,
मन बंधा भावनाओं के सम्बन्ध में,
प्यार में यह हलाहल गटक जायेगा।
प्रीत का खाद-पानी पिलाओ इसे,
प्यार पाते ही यह तो मटक जायेगा।।

19 टिप्‍पणियां:

  1. वाह क्या रचना है , काश हम भी ऐसा लिख पाते

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह: बहुत सुन्दर...रचना..

    उत्तर देंहटाएं
  3. दिल है शीशे सा नाजुक हमारा प्रिये!
    ठेस लगते ही यह तो चटक जायेगा।
    प्रीत का खाद-पानी पिलाओ इसे,
    प्यार पाते ही यह तो मटक जायेगा।।
    वाह वाह बहुत ही भावभीनी प्रस्तुति है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. खूबसूरत कविता... प्रेम कविता आपसे बेहतर कोई और नहीं लिख सकता ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत खूबसूरत
    प्राकृतिक उपालाम्भों को क्या कहने

    उत्तर देंहटाएं
  6. आखिरी दो बंद बहुत खूब सूरत .
    मन जरूरत से ज्यादा सरल है प्रिये,
    दुर्जनों के लिए ये गरल है प्रिये,
    नेह के गेह में ये अटक जायेगा।
    प्रीत का खाद-पानी पिलाओ इसे,
    प्यार पाते ही यह तो मटक जायेगा।।

    कृपया यहाँ भी पधारें -
    सोमवार, 21 मई 2012
    यह बोम्बे मेरी जान (चौथा भाग )
    http://veerubhai1947.blogspot.in/
    तेरी आँखों की रिचाओं को पढ़ा है -
    उसने ,
    यकीन कर ,न कर .

    उत्तर देंहटाएं
  7. दिल है शीशे सा नाजुक हमारा प्रिये!
    ठेस लगते ही यह तो चटक जायेगा।

    kya baat hei shastri ji bahut khub ...

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाह...!
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह ,,,, बहुत अच्छी प्रस्तुति,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुन्दर ...
    पधारें ..'गीत बोल उठे' पर
    मेरे पिताजी का ब्लॉग..

    उत्तर देंहटाएं
  11. मस्त रहता भ्रमर पुष्प की गन्ध में,
    मन बंधा भावनाओं के सम्बन्ध में,
    प्यार में यह हलाहल गटक जायेगा।
    प्रीत का खाद-पानी पिलाओ इसे,
    प्यार पाते ही यह तो मटक जायेगा।।


    Bahut sundar bhaav...bahut sundar rachna...

    उत्तर देंहटाएं

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