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शनिवार, 12 मई 2012

"काव्यानुवाद-पिता की आकांक्षाएँ" (अनुवादक-डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

My Dad Wishes
by-Samphors Vuth
अनुवादक-
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
पिता की आकांक्षाएँ
(काव्यानुवाद)
मेरे साथ सदा अच्छा हो,
यही कामना करते हो।
नहीं लड़ूँ मैं कभी किसी से,
यही भावना भरते हो।।

उन्नति के सोपान चढ़ूँ मैं,
नीचे कभी न गिर जाऊँ।
आप यही इच्छा रखते हो,
विजय हमेशा मैं पाऊँ।।

पूज्य पिता जी आप पुत्र की,
देखभाल में लगे हुए।
मेरे लिए हमेशा तत्पर,
जीवनपथ पर डटे हुए।।

मेरा हँसना-गाना सुनकर,
तुम कितना सुख पाते हो।
लेकिन मेरा रुदन देख तुम,
दुखित तात हो जाते हो।।

 जीवित रहूँ सदा मैं जग में,
दुआ हमेशा करते हो।
मेरे सुख का मुस्तैदी से,
ध्यान हमेशा धरते हो।।

तुम हो मेरे पूज्य पिता जी,
इस जीवन के दाता हो।
मेरा जीवन तुमसे ही है,
मेरे तुम्हीं विधाता हो।।

16 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बेहतरीन व प्रभावपूर्ण रचना....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  2. तुम हो मेरे पूज्य पिता जी,
    इस जीवन के दाता हो।
    मेरा जीवन तुमसे ही है,
    मेरे तुम्हीं विधाता हो।।

    हर पिता कि इक्छा होती हा कि पुत्र उसके बताये रास्ते पर चले ,.............

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर काव्यानुवाद किया है

    जीवित रहूँ सदा मैं जग में,
    दुआ हमेशा करते हो।
    मेरे सुख का मुस्तैदी से,
    ध्यान हमेशा धरते हो।।
    har mata pita ki bachchon ke prati yahi bhaavna hai.

    उत्तर देंहटाएं
  4. प्रभावपूर्ण रचना....बहुत सुन्दर काव्यानुवाद किया है ..शास्त्री जी..बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  5. पिता सदा ही रक्षक की भूमिका में होते हैं,शानदार पोस्ट |आभार| मेरी नई पोस्ट पर स्वागत है |

    उत्तर देंहटाएं
  6. तुम हो मेरे पूज्य पिता जी,
    इस जीवन के दाता हो।
    मेरा जीवन तुमसे ही है,
    मेरे तुम्हीं विधाता हो।।
    pita-putra sambandho par behtareen rachna ! sadar badhai

    उत्तर देंहटाएं
  7. शास्त्री जी,...चर्चा मंच आज की पोस्ट दिखाई नही पड
    रही है,...शायद पोस्ट करना भूल गए, या आपके इधर नेट प्राब्लम के कारण पोस्ट न हो पाई हो,..देख ले

    उत्तर देंहटाएं
  8. मेरा हँसना-गाना सुनकर,
    तुम कितना सुख पाते हो।
    लेकिन मेरा रुदन देख तुम,
    दुखित तात हो जाते हो।।

    बढ़िया भावानुवाद .सरस गेय शब्दों में .बधाई .
    कृपया यहाँ भी पधारें
    -
    शनिवार, 12 मई 2012
    क्यों और कैसे हो जाता है कोई ट्रांस -जेंडर ?
    क्यों और कैसे हो जाता है कोई ट्रांस -जेंडर ?
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं
  9. मेरा हँसना-गाना सुनकर,
    तुम कितना सुख पाते हो।
    लेकिन मेरा रुदन देख तुम,
    दुखित तात हो जाते हो।।

    बढ़िया भावानुवाद .सरस गेय शब्दों में .बधाई .
    कृपया यहाँ भी पधारें
    -
    शनिवार, 12 मई 2012
    क्यों और कैसे हो जाता है कोई ट्रांस -जेंडर ?
    क्यों और कैसे हो जाता है कोई ट्रांस -जेंडर ?
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं
  10. कल 17/06/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...आभार
    फादर्स डे की हार्दिक शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं

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