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बुधवार, 16 मई 2012

"कितनी हैं बेचारी बातें" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


रसना से मिलती सौगातें
खुलता मुख हो जाती बातें
दो के चार नयन जब होते
आँखों में हो जाती बातें
दोपाये और चौपाये भी
करते प्यारी-प्यारी बातें
हाव-भाव और भाव-भंगिमा
मिलकर करते कितनी बातें
पलकों पर जब बिन्दु छलकते
पीड़ा की हो जाती बातें
जब अधरों पर हँसी चहकती
हो जाती तब सुख की बातें
जब बातों से बात निकलतीं
टीका-टिप्पणी करती बातें
काली-अंधियारी रातों में
होती विस्मयकारी बातें
त्यौहारों की मधु-बेला में
आशा की संचारी बातें
बाग-बगीचे, वन-उपवन में
तन की बातें-मन की बातें
अपनी बातें-उनकी बातें
जीवन के पल-पल की बातें
बातें करना है लाचारी
कितनी हैं बेचारी बातें

17 टिप्‍पणियां:

  1. बातें ही बातें ... सुंदर अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं
  2. अपनी बातें-उनकी बातें
    जीवन के पल-पल की बातें

    बातों ही बातों में ....
    बनती सुंदर रचना ...!!
    शुभकामनायें ...!

    उत्तर देंहटाएं
  3. सभी जीव जंतु किसी ना किसी रूप में बाते करते हैं बातें ही एक दूसरे के भावों की अभिव्यक्ति है ...चित्र भी और लेखन भी सराहनीय है

    उत्तर देंहटाएं
  4. अपनी बातें-उनकी बातें
    जीवन के पल-पल की बातें
    बातें करना है लाचारी
    कितनी हैं बेचारी बातें

    बातों पर विक्रम जी की रचना पढे,...लिंक दे रहा हूँ

    काव्यान्जलि ...: आज चली कुछ ऐसी बातें....

    उत्तर देंहटाएं
  5. baate baate pyaar ki baate
    pyaar me hai kitni saugaate....
    Jab raaz ki baate hoti hai
    tab raaz kaha kah paate hai
    kah jaate hai anjaane me
    jo baat chhupaani hoti hai.... MAZBOOR

    उत्तर देंहटाएं
  6. अपनी बातें-उनकी बातें
    जीवन के पल-पल की बातें

    बातों ही बातों में ....
    बनती सुंदर रचना ...!!
    शुभकामनायें ...!

    आखिर असली जरुरतमंद कौन है
    भगवन जो खा नही सकते या वो जिनके पास खाने को नही है
    एक नज़र हमारे ब्लॉग पर भी
    http://blondmedia.blogspot.in/2012/05/blog-post_16.html

    उत्तर देंहटाएं
  7. अपनी बातें-उनकी बातें
    जीवन के पल-पल की बातें

    बातों ही बातों में ....
    बनती सुंदर रचना ...!!
    शुभकामनायें ...!

    आखिर असली जरुरतमंद कौन है
    भगवन जो खा नही सकते या वो जिनके पास खाने को नही है
    एक नज़र हमारे ब्लॉग पर भी
    http://blondmedia.blogspot.in/2012/05/blog-post_16.html

    उत्तर देंहटाएं
  8. बतो ही बातों में सुन्दर रचना..

    उत्तर देंहटाएं
  9. कितनी सुन्दर बातें...बातों का सुन्दर गुलदस्ता!...बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  10. सुन्दर प्रस्तुति |
    आभार गुरु जी ||

    उत्तर देंहटाएं
  11. क्या खूब बातो का जाल फ़ैलाया है।

    उत्तर देंहटाएं
  12. रसना से मिलती सौगातें
    खुलता मुख हो जाती बातें
    कितनी प्यारी प्यारी बातें ......बढ़िया प्रस्तुति .

    उत्तर देंहटाएं

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