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रविवार, 3 जून 2012

"व्याकुल खड़े उदासे हैं" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


नदिया-नाले सूख रहे हैं, जलचर प्यासे-प्यासे हैं।
पौधे-पेड़ बिना पानी के, व्याकुल खड़े उदासे हैं।।

चौमासे के मौसम में, सूरज से आग बरसती है।
जल की बून्दें पा जाने को, धरती आज तरसती है।।

नभ की ओर उठा कर मुण्डी, मेंढक चिल्लाते हैं।
बरसो मेघ धड़ाके से, ये कातर स्वर में गाते हैं।।

दीन-कृषक है दुखी हुआ, बादल की आँख-मिचौली से।
पानी अब तक गिरा नही, क्यों आसमान की झोली से?

तितली पानी की चाहत में दर-दर घूम रही है।
फड़-फड़ करती तुलसी की ठूँठों को चूम रही है।।

दया करो घनश्याम, सुधा सा अब तो जम करके बरसो।
रिम-झिम झड़ी लगा जाओ, क्यों करते हो कल और परसों?

18 टिप्‍पणियां:

  1. नदिया-नाले सूख रहे हैं, जलचर प्यासे-प्यासे हैं।
    पौधे-पेड़ बिना पानी के, व्याकुल खड़े उदासे हैं।। मर्मस्पर्शी.. अभिवयक्ति .......

    उत्तर देंहटाएं
  2. प्यासी धरती ,प्यासे लोग
    बदरा बरसो , ताके लोग

    सुंदर अभिव्यक्ति,,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  3. गरज बरस प्यासी धरती को फिर से पानी दे मौला....बहुत खूब सर

    उत्तर देंहटाएं
  4. "दया करो घनश्याम, सुधा सा अब तो जम करके बरसो।
    रिम-झिम झड़ी लगा जाओ, क्यों करते हो कल और परसों?"
    आह्वान सा करती, भावपूर्ण सुंदर रचना!

    उत्तर देंहटाएं
  5. गर्मी, सूखा और अकाल की बेबसी की आपने अद्भुत चित्र खींचा है इस काव्य के द्वारा।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बारिश का आह्वान...बहुत सुंदर !!!

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर .... सटीक चित्रण किया है आपने

    उत्तर देंहटाएं
  8. आलमी पर्यावरण दिवस ५ जून के लिए इससे बढ़िया गीतात्मक प्रस्तुति और क्या हो सकती है .?

    उत्तर देंहटाएं
  9. आलमी पर्यावरण दिवस .५ जून के लिए इससे बढ़िया गीतात्मक प्रस्तुति और क्या हो सकती है .?आलमी पर्यावरण दिवस ५ जून के लिए इससे बढ़िया गीतात्मक प्रस्तुति और क्या हो सकती है .?
    नदिया-नाले सूख रहे हैं, जलचर प्यासे-प्यासे हैं।पौधे-पेड़ बिना पानी के, व्याकुल खड़े उदासे हैं।।उदासे शब्द प्रयोग कोमल्त्रा के शिखर को छो रहा है .क्या बात है इस गीतात्मक प्रस्तुति की .पर्यावरण सचेत दृष्टि से नहाया हुआ है सारा गीत

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  10. बहुत तपा है अब की बार
    बारिश होगी मूसलाधार

    पावस का सुंदर आव्हान
    झूमेगा खेतों में धान.

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  11. hello there dennis i got it from a mate so here is there contact
    filling address ,ring them if you need them in a hurry , mention H huntinetold you to ring

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  12. इस पुकार को सुनेगा अम्बर... बारिश होगी!

    उत्तर देंहटाएं
  13. पौधे-पेड़ बिना पानी के, व्याकुल खड़े उदासे हैं।। ekdam yahi dikh raha hai......

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  14. उम्दा, बेहतरीन... सामयिक अभिव्यक्ति...बहुत बहुत बधाई...

    उत्तर देंहटाएं

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