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शुक्रवार, 8 जून 2012

"प्यार कुदरत का ईनाम है" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

ज़िन्दग़ी प्यार का नाम है।
प्यार कुदरत का ईनाम है।।

जब तलक चाँद-तारे रहेंगे,
नित नये ही फसाने कहेंगे।
कुछ को मिलता खुदा,
कोई होता ज़ुदा।
कोई नाहक ही बदनाम है।
प्यार कुदरत का ईनाम है।।

खुशनसीबी उसे ही मिली,
जिसके दिल की कली हो खिली।
सुर मिलाते रहो,
गुनगुनाते रहो।
प्यार गीतों भरी शाम है।
प्यार कुदरत का ईनाम है।।

आओ दरिया किनारे चलें,
खाक अपने बदन पर मलें।
हुस्न इक आग है,
इश्क तो फाग है।
खेल के बाद आराम है।
प्यार कुदरत का ईनाम है।।

प्रीत की कुछ अलग रीत है,
हार में भी छिपी जीत है।
छाँव है धूप है,
रंग है "रूप" है।
काम का नाम अभिराम है।
प्यार कुदरत का ईनाम है।।

12 टिप्‍पणियां:

  1. प्रीत की कुछ अलग रीत है,
    हार में भी छिपी जीत है।,,,,

    बहुत सुंदर प्यार भरी रचना,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  2. कुछ को मिलता खुदा,कोई होता ज़ुदा।कोई नाहक ही बदनाम है।प्यार कुदरत का ईनाम है।।
    ...वाह, वाह!...बहुत खूब!

    उत्तर देंहटाएं
  3. बिना प्यार सब सूना है...सुन्दर कविता..

    उत्तर देंहटाएं
  4. आओ दरिया किनारे चलें,
    खाक अपने बदन पर मलें।
    हुस्न इक आग है,
    इश्क तो फाग है।
    खेल के बाद आराम है।
    प्यार कुदरत का ईनाम है।।

    प्यार कुदरत का इनाम है .बढ़िया प्रेम गीत ..
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    फिरंगी संस्कृति का रोग है यह
    प्रजनन अंगों को लगने वाला एक संक्रामक यौन रोग होता है सूजाक .इस यौन रोग गान' रिया(Gonorrhoea) से संक्रमित व्यक्ति से यौन संपर्क स्थापित करने वाले व्यक्ति को भी यह रोग लग जाता है .
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/

    ram ram bhai
    शुक्रवार, 8 जून 2012
    जादू समुद्री खरपतवार क़ा
    बृहस्पतिवार, 7 जून 2012
    कल का ग्रीन फ्यूल होगी समुद्री शैवाल
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं
  5. प्रीत की कुछ अलग रीत है,
    हार में भी छिपी जीत है।

    ....बहुत सुन्दर कविता...आभार

    उत्तर देंहटाएं
  6. प्यार से इस गीत को गुनगुनाते रहे ...बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं
  7. प्यार कुदरत का ईनाम है।।

    दिलवालों की हंसी शाम है .
    रात रूठी रही ,फिर भी मदहोश इंसान है .

    उत्तर देंहटाएं
  8. "कुछ को मिलता खुदा,
    कोई होता ज़ुदा।
    कोई नाहक ही बदनाम है।
    प्यार कुदरत का ईनाम है।।"
    यही है ज़िंदगी कहीं धूप तो कहीं छाँव ! यथार्थ का दर्पण और सुंदर अभिव्यक्‍ति !

    उत्तर देंहटाएं
  9. सुर मिलाते रहो,
    गुनगुनाते रहो।
    प्यार गीतों भरी शाम है।
    प्यार कुदरत का ईनाम है।।

    सच्ची बात और सुंदर कविता ।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहूत,बहूत सुंदर
    प्यारभरी रचना..

    उत्तर देंहटाएं

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