"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

मंगलवार, 26 जून 2012

"कविवर राकेश "चक्र" के सम्मान में गोष्ठी " (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

साहित्य शारदा मंच, खटीमा के तत्वावधान में लगभग 55 पुस्तकों के रचयिता तथा पं.सुमित्रानन्दन पन्त पुरस्कार से सम्मानित, अभिसूचना अधिकारी के पद पर कार्यरत कविवर राकेश "चक्र" के सम्मान में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता साहित्य शारदा मंच, खटीमा के अध्यक्ष डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने की तथा संचालन पीलीभीत से पधारे कवि देवदत्त "प्रसून" ने किया।
सर्वप्रथम माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया और डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने माँ की वन्दना प्रस्तुत की।
मेरी गंगा भी तुम, और यमुना भी तुम,
तुम ही मेरे सकल काव्य की धार हो।
जिन्दगी भी हो तुम, बन्दगी भी हो तुम,
गीत-गजलों का तुम ही तो आधार हो।
इसके पश्चात रूमानियत के शायर गुरूसहाय भटनागर बदनाम ने अपना काव्यपाठ करते हुए कहा-
तुम क्या गये चमन से, बहारें चलीं गयीं।
हर शाख़-ए-गुल से, गुल की कतारें चलीं गयीं।।
खटीमा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिन्दी विभागाध्यक्ष के
पद पर कार्यरत डॉ.सिद्धेश्वर सिंह ने अपना काव्यपाठ करते हुए कहा-
दो दिन के लिए दिल्ली
जा रहे हैं शेख चिल्ली


डर लागे , लागे डर
काँपे जिया थर - थर
झोले में सामान रखा
गिन कर , चुन कर

सहेजे हैं कागज पत्तर
मानो सोने की सिल्ली।
दो दिन के लिए दिल्ली
जा रहे हैं शेख चिल्ली ।


कविवर देवदत्त प्रसून ने इस अवसर पर कहा-
यदि तुमको अर्पन हो जाए।
मन मेरा दर्पन हो जाए।।
हास्य व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर गेन्दालाल शर्मा "निर्जन" ने
इस अवसर पर अपने हास्य व्यंग्यों से गोष्ठी में समां बाध दिया।
गोष्टी में मुख्यअतिथि के रूप में पधारे कविवर राकेश "चक्र" ने अपने काव्यपाठ में एक सन्देश देते हुए कहा-
दो ऐसा उपहार कि मैं, हर ओर उजाला कर दूँ।
निर्बल-निर्धन के अधरों पर भी मुस्कानें भर दूँ।।
वाणी मधुर करा दो मेरी, दो हाथों में फूल,
फूलों की खुशबू से जग को खुशबू वाला कर दूँ।।
अन्त में गोष्ठी के आयोजक डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ने अपनी निम्न रचना का पाठ किया 

"वर्षा का जल सबको भाया।
पेड़ों ने नवजीवन पाया।।
श्रम करने खेतों में जाएँ।
आओ धान की पौध लगाएँ।।"

और अपना आभार दर्शन प्रदर्शित किया।
इस अवसर पर कविवर राकेश "चक्र" जी का
माल्यार्पण करके कवि "मयंक" द्वारा
अपनी चार पुस्तके भी "चक्र" जी को स्मृतिचिह्न के रूप में भेंट की।
"चक्र" जी ने भी अपनी एक पुस्तक
"एकता के साथ हम" डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" को सादर भेंट की।

10 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर रिपोर्ट .. बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  2. कविवर राकेश "चक्र" जी के सम्मान की बेहतरीन प्रस्तुति,,,,,,,

    RECENT POST,,,,,काव्यान्जलि ...: आश्वासन,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  3. बधाई शारदा मंच खटीमा ,बधाई अशोक चक्र जी बधाई शास्त्री जी इस रिपोर्ट के लिए बढ़िया काव्य पाठों के लिए ......वीरुभाई परदेसिया .

    उत्तर देंहटाएं
  4. काश हम भी होते ...
    आनंद आ गया भाई जी !

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर रिपोर्ट .. राकेश जी को हार्दिक बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  6. एक एक दृश्य तैरता, सहज सरल आभास |
    राकेश चक्र जी मंगलम, काव्य गोष्ठी ख़ास |
    काव्य गोष्ठी ख़ास, जमे सिद्धेश्वर भाई |
    कवि प्रसून बदनाम, याद गेंदा जी आई |
    शास्त्री जी का स्नेह, शारदा मातु विराजे |
    कृपा बरसती नित्य, साहित्यिक वीणा बाजे |

    उत्तर देंहटाएं
  7. राकेश "चक्र" जी के सम्मान की बेहतरीन प्रस्तुति,,,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  8. गोष्ठियों का सुखद माहौल ऐसे ही बना रहे..

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails