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शुक्रवार, 29 जून 2012

"एक दिन चुनाव प्रचार के नामं" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

उत्तराखण्ड के मा. मुख्यमन्त्री विजय बहुगुणा जी खटीमा से लगती हुई सितारगंज विधानसभा से विधायक का उपचुनाव लड़ रहे हैं। उनका उपचुनाव आगामी 8 जुलाई को होगा।
इन दिनों विकासनगर (देहरादून) से प्रकाशित होने वाले "हिमालय टाइम्स" समाचारपत्र के प्रधान सम्पादक आदरणीय द्वारिका प्रसाद उनियाल जी ने मुझे सम्पादक मण्डल में शामिल कर लिया गया है और वो मा. मुख्यमन्त्री विजय बहुगुणा का विशेष परिशिष्ट प्रकाशित करने जा रहे हैं। इसलिए मैंने अपना नैतिक दायित्व समझते हुए एक दिन बहुगुणा जी के परिवार के साथ बिताया।
सितारगंज से 10किमी दूर सितारगंज जेलकैम्प की भूमि पर बने औद्योगिक परिसर (सिडकुल) में एस.एन. होटल में इन दिनों मुख्यमन्त्री जी का काफिला अपना डेरा डाले हुए है। इसलिए मैं भी श्रीमती जी को साथ लेकर यहाँ आ धमका।
यहाँ सबसे पहले हमारी मुलाकात कान्ता प्रसाद सागर जी से हुई। ये सन् 2007 में सितार गंज विधानसभा से काँग्रेस के प्रत्याशी थे।
होटल में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का हुजूम था
जो चुनावप्रचार में भाग लेने के लिए यहाँ पधारे थे।
उत्तर प्रदेश से भी बहुत से लोग यहाँ आये हुए थे।
इसके बाद हमें मा. बहुगुणा जी के दोनों पुत्र दिखाई पड़े
जो बहुत विनम्रता से लोगों का अभिवादन कर रहे थे।
इनके छोटे पुत्र ने तो बहुत देर तक
मेरे साथ चुनाव के बारे में बातें की।
इसके बाद मा. मुख्यमन्त्री जी की धर्मपत्नी तैयार होकर
कमरे से बाहर निकलीं और लोगों से मिलीं।
उन्हें पास की न्यायपंचायत रघुलिया में
जनसम्पर्क के लिए जाना था
इसलिए वो अपनी कार में बैठकर
वहाँ के लिए प्रस्थान करने लगीं।
अब होटल के कमरे से तैयार होकर बाहर निकलीं
उ.प्र.काँग्रेस की अध्यक्ष
और विजय बहुगुणा की बहिन श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी।
ये हमारी श्रीमती अमर भारती काफी घुलमिल गयीं थी।
ऐसा लगा ही नहीं कि ये पहली बार आपस में मिल रहीं हैं।
इसके बाद मैंने और श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी ने
चुनाव को लेकर काफी देर तक माथापच्ची की
यहाँ पर उत्तराखण्ड के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
मा.यशपाल आर्य भी ठहरे हुए थे।
अब वे भी तैयार होकर अपने रूम से बाहर आ चुके थे।
मा.यशपाल आर्य का और मेरा लगभग 25 साल पुराना साथ है।
आज भी वे मुझे अपना बड़ा भाई मानते हैं।
संयोग से मेरी कार में एक पुरानी फोटो एलबम पड़ी थी।
जिसमें यशपाल आर्य और उनकी श्रीमती पुष्पा आर्या
और माननीय पं. नारायण दत्त तिवारी जी के फोटो थे।
मा.यशपाल आर्य ने बड़ी उत्सुकता से
अपने 25 साल पुराने फोटो देखे।
उनकी खुशी देखते ही बनती थी।
इस प्रकार हमारा आज का दिन
बहुगुणा जी के परिवार के साथ बीता।

10 टिप्‍पणियां:

  1. इस सचित्र प्रस्‍तुति के लिए आभार

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  2. सुन्दर सचित्र प्रस्तुति..शुभकामनाएं..

    उत्तर देंहटाएं
  3. ek hi dincharya se gujarte hue jab usse hatkar koi din alag tarah se hansi-khushi bhare maahoul mein bitta hai to wah asmarniya ban jaata hai..
    bahut hi sundar photos ke saath sundar prastuti..

    उत्तर देंहटाएं
  4. जय हो ,जय हो
    लगता है राजनीति का रंग भी
    अच्छा लगने लगा है आपको.

    बहुत बहुत शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  5. लगता है आप पुराने राजनीतिक खिलाड़ी है,तभी तो,,,,,,
    राजनेताओं के साथ दिखाई दे रहे है,,,,,,
    चित्रमय सुंदर प्रस्तुति,,,,,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  6. आपका प्रयास सार्थक हो हमारी मंगलकामनाएं आपके साथ हैं।

    उत्तर देंहटाएं

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