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मंगलवार, 11 जून 2013

"पहली बारिश मानसून की" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

कल तक बहुत सताती थी जो,
भीषण गर्मी माह जून की।
आज इन्द्र लेकर आये हैं,
पहली बारिश मानसून की।
 
फटी पपेली-हुआ उजाला,
आसमान पर बादल छाया,
पहले आँधी चली भयंकर,
उमड़-घुमड़ फिर पानी आया,
कितनी सुखदायी लगती है,
पहली बारिश मानसून की।
 
झुलस रहे थे वन-उपवन सब,
सूख रही थी पौध धान की,
आग हवा में बरस रही थी,
जलती छत पक्के मकान की,
प्यास बुझाने आयी धरा की,
पहली बारिश मानसून की।
 
खिले किसानों के चेहरे अब,
आस बँधी है नवल फसल की,
पौध धान की चले रोपने,
हल ने खेतों में हलचल की,
बया नीड़ से झाँक रही है,
पहली बारिश मानसून की।
 
बच्चे खेल रहे बारिश में,
धमाचौकड़ी खूब मचाते,
काग़ज़ की इक नाव बनाकर,
नाली में है उसे चलाते,
हरियाली को देने आयी,
पहली बारिश मानसून की।

18 टिप्‍पणियां:

  1. कविता और चित्र दोनों अनुपम लगे मित्र | साधुवाद

    उत्तर देंहटाएं
  2. मानसून की पहली बारिश को शब्दों और चित्रों में बाखूबी बाँधा है शास्त्री जी ...
    बधाई इस रचना पे ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. बच्चे खेल रहे बारिश में,
    धमाचौकड़ी खूब मचाते,
    काग़ज़ की इक नाव बनाकर,
    नाली में है उसे चलाते,
    हरियाली को देने आयी,
    पहली बारिश मानसून की।
    बहुत सुन्दर.बहुत बढ़िया लिखा है .शुभकामनायें आपको .

    उत्तर देंहटाएं
  4. मानसून तो अब आ ही पहुंचा है, शुभकामनाएं.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  5. पहली बारिश मानसून की बड़ी सुखद होती है ,,सुंदर प्रस्तुति,,,

    recent post : मैनें अपने कल को देखा,

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति हम तो इंतज़ार में हैं अभी मानसून के

    उत्तर देंहटाएं
  7. भीषण गर्मी के बाद बर्षा की पहली फुहार बड़ा ही मनभावन होता है.बहुत ही सुंदर प्रस्तुती,आभार आदरणीय.

    उत्तर देंहटाएं
  8. पहली बारिश मुबारक हो..

    उत्तर देंहटाएं
  9. आज इन्द्र लेकर आये हैं,
    पहली बारिश मानसून की।
    दुआ चंदन
    बस रहे पावन
    जहाँ भी रहे !

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत खूब, खूबशूरत अहसाह ,बेहतरीन,बहुत सुन्दर रचना

    उत्तर देंहटाएं
  11. मुझे आप को सुचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि
    आप की ये रचना 14-06-2013 यानी आने वाले शुकरवार की नई पुरानी हलचल
    पर लिंक की जा रही है। सूचनार्थ।
    आप भी इस हलचल में शामिल होकर इस की शोभा बढ़ाना।

    मिलते हैं फिर शुकरवार को आप की इस रचना के साथ।


    जय हिंद जय भारत...

    कुलदीप ठाकुर...

    उत्तर देंहटाएं
  12. बेहद सुन्दर प्रस्तुति ....!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा कल बुधवार (11-06-2013) के अनवरत चलती यह यात्रा बारिश के रंगों में .......! चर्चा मंच अंक-1273 पर भी होगी!
    सादर...!
    शशि पुरवार

    उत्तर देंहटाएं
  13. गुरु जी को प्रणाम
    पहली मानसून की बधाई गुरु जी

    आपकी यह रचना कल बुधवार (12-06-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  14. सादर प्रणाम
    कविता और चित्र दोनों अदभुद.....
    मानसून की पहली बौछार आपकी कविता के माध्यम से
    वरना हम तो अभी तक तरस गए ...........आभार

    उत्तर देंहटाएं
  15. कवि‍ता और चि‍त्र दोनों मन को भा गए..

    उत्तर देंहटाएं

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