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कालजयी साहित्य दे, चलते बने फकीर।
नहीं डॉक्टर बन सके, तुलसी, सूर-कबीर।१।
आगे जिसके नाम के, लगा डॉक्टर होय।
साहित्य के नाम पर, समझो उसे गिलोय।२।
छन्दशास्त्र का है नहीं, जिनको कुछ भी ज्ञान।
वो कविता के क्षेत्र में, पा जाते सम्मान।३।
लिखकर के आलेख को, अनुच्छेद में बाँट।
हींग लगे ना फिटकरी, कविता बने विराट।४।
भूल गये अपनी विधा, चमक-दमक में आज।
पड़ा विदेशी मोह में, आज प्रबुद्ध समाज।५।
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सटीक दोहे !!
जवाब देंहटाएंबहुत ही सुन्दर,सार्थक और सटीक दोहे, आभार ।
जवाब देंहटाएंsateek dohe...
जवाब देंहटाएंआद्रणीय महोदय आप के ज्ञान को नमन...
जवाब देंहटाएंसुंदर प्रस्तुति...
उत्तरांचल तबाही पर कुछ दोहे...
क्या माँ धारी देवी को नाराज करने के कारण केदारनाथ में भीषण तबाही हुई??
वहुत सटीक.
जवाब देंहटाएंरामराम.
सच है..
जवाब देंहटाएंलिखकर के आलेख को, अनुच्छेद में बाँट।
जवाब देंहटाएंहींग लगे ना फिटकरी, कविता बने विराट,,,,,,सटीक बात...
RECENT POST: ब्लोगिंग के दो वर्ष पूरे,
छन्दशास्त्र का है नहीं, जिनको कुछ भी ज्ञान।
जवाब देंहटाएंवो कविता के क्षेत्र में, पा जाते सम्मान।३।
ekdam sahi .nice presentation .
Bahut Khub bahut hi sundar doha
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