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गुरुवार, 20 जनवरी 2011

"दूर हमेशा रहना इससे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

 
चिमटे जैसी भुजा बनी हैं,
प्यारी सी दुम धनुष-कमान।
विष से भरा दंश है घातक है,
जैसे हो जहरीला बाण।।

कमर मंथरा जैसी टेढ़ी,
परसराम जैसी आदत है।
प्रीत-रीत यह नहीं जानता,
इसको छूना ही आफत है।।

डरता नहीं किसी से है यह,
छोटा-खोटा और कृतघ्न है।
अकड-अकड़ कर चलता है यह,
अपनी ही धुन में निमग्न है।।

मन से क्रोधी, तन से तिरछा,
नहीं कहीं से यह सरल है।
दूर हमेशा रहना इससे,
बिच्छू का पर्याय गरल है।।

21 टिप्‍पणियां:

  1. * इस बिच्छू की तस्वीर और आपकी कविता देख - पढ़कर कई (फ़िल्मी) गीत याद आ गए।

    **बहुत बढ़िया साहब।

    उत्तर देंहटाएं
  2. क्या कहना शास्त्रीजी ,
    बहुत अच्छी बाल कविता ..
    बाल साहित्य को इस समय आपकी लेखनी बहुत ही समृद्ध कर रही है |
    साधुवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  3. अजी बडा जहरीला जानवर है ……………क्यों दिखा कर डरा दिया मगर कविता सुन्दर है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बच्चों को कविता के माध्यम से अच्छी सीख दी है ...और बिच्छु के बारे में जानकारी भी ..

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत अच्छी कविता.
    बड़े सरल और प्रभावी शब्दों में कविता कहना आपकी खूबी है,शास्त्री जी.

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत अच्छी बाल कविता।
    हम बड़ों को भी अच्छी लगी।

    उत्तर देंहटाएं
  7. जहाँ भी आपकी नजर पड जावे नई कविता वहीं जन्म ले लेती है । विलक्षण...

    उत्तर देंहटाएं
  8. सच में ऐसा ही लगता है कि हरदम गुस्से से फनफनाया रहता है

    उत्तर देंहटाएं
  9. बाल कविता के नाम पर इतने कठिन शब्द । इसे तो किशोर भी सहजता से नहीँ समझ सकेँगे । सरलता बाल साहित्य की पहली शर्त है । अन्यथा लोग बच्चोँ के नाम पर कुछ भी लिख देते हैँ किँतु बच्चे उसे कहाँ अपनाते हैँ ? मनोनुकूल साहित्य न मिल पाने के कारण ही आज का बालक साहित्य की ओर झाँकता भी नहीँ । कितने घरोँ मेँ बाल पत्रिकाएँ देखने को मिलती हैँ ? ...क्षमा करेँ आपकी रचना बहुत अच्छी है किँतु अच्छी बाल कविता बिल्कुल नहीँ ।

    उत्तर देंहटाएं
  10. डॉ.नागेश पाण्डेय संजय जी !
    आप बालक क्या 6 साल तक के बच्चों को ही मानते हैं?
    --
    विद्यालय में अध्यापक तथा घर में माता-पिता क्या इनके अर्थ नहीं बतायेंगे?
    --
    क्या इसमें आये हुए शब्दों से वालकों के शब्दकोश में अभिवृद्धि नहीं होगी?
    --
    क्या आप बालकों को सरल शब्दों तक ही सीमित कर देना चाहते हैं?
    --
    मानता कि आप शिशु-गीत सरल शब्दों में लिख रहे हैं, अच्छा काम कर रहे हैं।
    परन्तु मेरी सोच कुछ और ही है या यूँ कहिए कि मैं बाल कविताएं
    लिखना नहीं जानता हूँ!
    अभी आपसे मुझे बहुत कुछ सीखना है!
    --
    प्रति कमेंट को अन्यथा मत लीजिएगा!

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  11. अच्छी बाल कविता है। बिच्छू जैसे नकारात्मक जीव को भी आपने गेय बना दिया!

    उत्तर देंहटाएं
  12. कमाल की ज़हरीली कविता थी.. माफ कीजियेगा एक घातक प्राणि पर जीवंत कविता!!

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  13. बिच्छू को पूर्णतया विश्लेषित करती सुन्दर बाल कविता...

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत उत्तम रचना | चित्र भी बहुत अच्छा लगा बधाई
    आशा

    उत्तर देंहटाएं

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