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गुरुवार, 3 नवंबर 2011

"दोहे-चुगलखोर इन्सान" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


जहाँ-तहाँ मिल जायेंगे, चुगलखोर इन्सान।
जालजगत इनके लिए, सबसे है आसान।।

चैटबॉक्स को खोल लो, लिक्खो अपनी बात।
चुगली करके भेज दो, निज मन की सौगात।।

यदि इससे भी ना मिले, मन को चैन-सुकून।
भेजो जल्दी मेल से, लिख करके मजमून।।

चाहे जिसकी खोल दो, दबी-ढकी सब पोल।
चुगली करने के लिए, जालजगत अनमोल।।

लिखो व्यंग या चुटकुले, या लिक्खो आलेख।
घोटालों के खेल का, कर दो सब उल्लेख।।

28 टिप्‍पणियां:

  1. हा हा हा हा यह भी खूब कही आपने :)

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  2. "यदि इससे भी ना मिले, मन को चैन-सुकून।
    भेजो जल्दी मेल से, लिख करके मजमून।।"

    क्या खूब कहा आपने....!!
    आधुनिक जगत कि सारी सुविधाएं यहाँ मौजूद हैं....!
    चुगली करने वाले मेल,चैट,लेख,आलेख के साथ-साथ फोन ऑफ़ फ्रेंड्स भी इस्तेमाल करते हैं...!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. aadarniy sir
    bilkul solah aane sahi baat likhi hai aapne.padh kar maja aa gaya.
    hardik badhai
    sadar naman ke saath
    poonam

    उत्तर देंहटाएं
  4. अपनी अपनी रूचि के हिसाब से अपनी बात कहने के लिए जगह तो हर किसी को मिल ही जाती है !!

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत रोचक...मज़ा आ गया..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  6. शास्त्री जी..
    आपके दोहे पढकर मै गदगद हो गया...
    बहुत सुंदर लगी आपकी ये हास्य रचना ...
    मेरे नए पोस्ट पर स्वागत है ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. सारे रसों में सबसे ऊपर है...निन्दारस...और निंदक को कहाँ रखना चाहिए...ये बहुत पहले समझाया जा चुका है...

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाह।शास्त्री जी..दोहे बहुत रोचक और मजेदार हैं...

    उत्तर देंहटाएं
  9. ये लोंग कही भी मिल जाते हैं ...
    शानदार व्यंग्य!

    उत्तर देंहटाएं
  10. :)) वाह वाह... क्या खूब दोहे...
    सादर...

    उत्तर देंहटाएं
  11. एक बार ऐसा हो जाये फिर देखिये क्या तांडव मचेगा यहाँ सारे ब्लोग्स बंद हो जायेंगे……………हा हा हा………सारे कच्चे चिट्ठे सबके उधड जायेंगे।

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  12. शानदार और सच्ची बात लिखी आपने।

    उत्तर देंहटाएं
  13. ओह! क्या पोल खोली है आपने चुगलखोरों की.

    सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार.

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  14. सच है ऐसे लोगों के लिए ब्‍लाग सबसे उत्तम साधन है।

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  15. मजेदार दोहे...चुगलखोर...हा हा हा

    उत्तर देंहटाएं
  16. वाह! ह्रदय को आनन्दित करते दोहे!

    उत्तर देंहटाएं
  17. बहुत ही सुन्दर और सार्थक दोहे!

    उत्तर देंहटाएं

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