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गुरुवार, 17 नवंबर 2011

"दोहे-दुनिया को दें ज्ञान" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


चमका तारा उसी का, जो करता है काज।
कर्मशील इन्सान के, सिर पर सजता ताज।।

अपने प्यारे देश का, आओ रक्खें मान।
जगद्गुरू बनकर पुनः, दुनिया को दें ज्ञान।।

प्रतिभाओं का देश में, यदि होगा सम्मान।
फिर जाएँ परदेश क्यों, भारत के विद्वान।।

चन्द्रगुप्त शासक बनें, मन्त्री हो चाणक्य।
नवरत्नों के साथ में, चमकेंगे माणिक्य।।

हो गद्दारों के लिए, फाँसी का कानून।
आयेगा तब देश में, सच्चा चैन-सुकून।।

26 टिप्‍पणियां:

  1. चमका तारा उसी का, जो करता है काज|
    कर्मशील इंसान के, सिर पर सजता ताज||
    बहुत खूब लिखा आपने बधाई...
    मेरीनई पोस्ट में स्वागत है

    उत्तर देंहटाएं
  2. गद्दारों के लिए हो, फाँसी का कानून।
    तब आयेगा देश में, सच्चा चैन-शुकून।।
    @ मानवाधिकार वाले तोते इस दोहे को सुनकर अपना आपा खो देंगे....
    उनके शब्दकोश में 'गद्दार' शब्द नहीं और न ही वे इसकी परिभाषा समझना चाहते हैं.

    उत्तर देंहटाएं
  3. चमका तारा उसी का, जो करता है काज|
    कर्मशील इंसान के, सिर पर सजता ताज||
    वाह ...बहुत ही बढि़या ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. bilkul sahi kaha gaddaron ko fansi hi honi chahiye.bahut achche prernadayak dohe.

    उत्तर देंहटाएं
  5. चमका तारा उसी का, जो करता है काज।
    कर्मशील इन्सान के, सिर पर सजता ताज।।

    समसामयिक और सार्थक संदेश देते दोहे।

    उत्तर देंहटाएं
  6. आपकी रचना शुक्रवारीय चर्चा मंच पर है ||

    charchamanch.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  7. चाह शास्त्री जी ... कमाल के हैं सभी दोहे ... व्यवस्था और सामाजिक प्रहार करते ...

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर भाव पूर्ण दोहे |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  9. चमका तारा उसी का, जो करता है काज|
    कर्मशील इंसान के, सिर पर सजता ताज||
    बहुत ओजपूर्ण दोहे.. बहुत सुन्दर... बधाई...

    उत्तर देंहटाएं
  10. चन्द्रगुप्त शासक बनें, मन्त्री हो चाणक्य।
    नवरत्नों के साथ में, चमकेंगे माणिक्य।।

    एक न एक दिन ऐसा जरुर आएगा.बेहद सशक्त दोहे.

    उत्तर देंहटाएं
  11. प्रतिभाओं का देश में, यदि होगा सम्मान।
    फिर जाएँ परदेश क्यों, भारत के विद्वान।।
    काश आपकी कही हुई हर एक बात सच हो जाये सुंदर प्रस्तुति आभार ...

    उत्तर देंहटाएं
  12. बड़े स्ट्रेट फ़ॉरवर्ड विचार हैं...दोहों में...

    उत्तर देंहटाएं
  13. लेकिन कानून कोई अपने लिए यूं बनाएगा क्यूंकर.

    उत्तर देंहटाएं
  14. ओज से परिपूर्ण और प्रेरक दोहे।
    आभार,

    उत्तर देंहटाएं
  15. एक से बढ़कर एक दोहे, बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  16. देशभक्ति से ओतप्रोत प्रेरक दोहे..! धन्यवाद!!!

    उत्तर देंहटाएं
  17. सार्थक और सुन्दर दोहे धन्यवाद!!

    उत्तर देंहटाएं
  18. सार्थक और प्रेरणादायक दोहे...

    उत्तर देंहटाएं

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